Tuesday, October 27, 2026
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उत्तराखंड: “सियासत में युवाओं की अनदेखी से राज्य का नुकसान,” परिवारवाद के आरोपों पर बोले हरीश रावत– ‘विरासत नहीं, कार्यकर्ता सर्वोपरि’

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने राज्य की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था और युवाओं की भागीदारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। रावत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में प्रतिभावान युवाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें राजनीति में अपनी चमक बिखेरने का उचित मंच नहीं मिल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई प्रतिभाओं को आगे न लाना अंततः उत्तराखंड के भविष्य के लिए हानिकारक साबित हो रहा है।

“सीमित सत्रों के कारण दब रही है प्रतिभा”

पूर्व सीएम रावत ने विधानसभा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन का सत्र बहुत कम समय के लिए चलता है। इस सीमित समय के कारण नए और ऊर्जावान विधायकों को अपनी प्रतिभा दिखाने और जनता के मुद्दों को मुखरता से रखने का मौका नहीं मिल पाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के विकास के लिए नई प्रतिभाओं को जोड़ना और उन्हें मार्गदर्शन देना अनिवार्य है।

परिवारवाद पर बेबाक जवाब: “मेरे लिए पुत्र-पुत्री से ऊपर दूसरे लोग”

राजनीति में विरासत और परिवारवाद के आरोपों पर सफाई देते हुए हरीश रावत ने कहा कि उनके मन में कभी भी ‘विरासत’ जैसी बात नहीं आई। उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा:

“राजनीति में मैंने हमेशा अपने पुत्र और पुत्री से ज्यादा अन्य कार्यकर्ताओं और लोगों को तरजीह दी है। मेरे बेटे ने दो बार अपने लिए चुनावी क्षेत्र तैयार किया था, लेकिन दोनों ही बार मैंने वहां से किसी अन्य व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अवसर दिया।”

रावत ने आगे कहा कि आज अगर उनके बच्चे राजनीति में सक्रिय दिख रहे हैं, तो वे केवल समर्थकों के साथ पुराने जुड़ाव को बनाए रखने के लिए एक ‘ध्वज वाहक’ की भूमिका में हैं।

नई पीढ़ी का मार्गदर्शन और पार्टी की अंदरूनी राजनीति

हरीश रावत ने स्वीकार किया कि राजनीति में कुछ लोग नाराज रहते हैं तो कुछ आदर्श मानते हैं। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान में कई नौजवानों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिनमें उनका बेटा भी शामिल है। कांग्रेस के भीतर की स्थिति पर उन्होंने कहा कि इक्का-दुक्का नेताओं को छोड़कर बाकी सभी कार्यकर्ता उनके साथ खड़े रहे हैं, भले ही कुछ लोग अंदरूनी या बाहरी राजनीति के कारण उनके खिलाफ रहे हों।

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