रामनगर:
उत्तराखंड के रामनगर क्षेत्र में अवैध रूप से फलदार पेड़ों के कटान का एक गंभीर मामला सामने आया है। बिल्डर कॉलोनी विकसित करने के उद्देश्य से करीब 12 बीघा क्षेत्र में फैले बगीचे में 60 आम और लीची के पेड़ों को काट दिया गया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।
यह घटना नगर के फल पट्टी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेड़ाझाल की है, जहां मंगलवार को भू-माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर पेड़ों पर आरी चलाई गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया।
आम पोखरा रेंज के रेंजर पूरन सिंह खनायत ने बताया कि जांच में कुल 60 पेड़ों के कटान की पुष्टि हुई है, जिनमें 48 आम और 12 लीची के पेड़ शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में बगीचा स्वामी तब्बर और कटान कार्य में शामिल तेलीपुरा निवासी इकबाल के खिलाफ एच-2 केस दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अवैध कटान के मामलों में विभाग के पास केवल एच-2 केस दर्ज करने का अधिकार है। वहीं, उद्यान विभाग ने इसे अपने कार्यक्षेत्र से बाहर बताते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया है, जिससे विभागीय समन्वय पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
उद्यान अधिकारी अर्जुन सिंह परवाल ने स्पष्ट किया कि बगीचे में कटान या लॉपिंग की कोई अनुमति नहीं दी गई थी और संबंधित क्षेत्र वन विभाग के अंतर्गत आता है, इसलिए कार्रवाई उसी विभाग द्वारा की जानी चाहिए।
वहीं, तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ पीसी आर्य ने बताया कि वन विभाग की ओर से ट्री प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 4/10 के तहत जुर्माना लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रामनगर के एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने संबंधित विभागों से पूरी जानकारी लेकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि फलदार पेड़ों का इस प्रकार अवैध कटान पर्यावरण के लिए बेहद नुकसानदायक है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।