Thursday, April 16, 2026
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CBSE बोर्ड में नई व्यवस्था लागू: परिणाम से असंतुष्ट छात्रों को मई में ‘सेकेंड बोर्ड’ परीक्षा का मौका

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इस शैक्षणिक सत्र से “सेकेंड बोर्ड परीक्षा” (दूसरी बोर्ड परीक्षा) की नई व्यवस्था लागू कर दी है। इस पहल के तहत अब वे छात्र-छात्राएं, जो अपने बोर्ड परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, उसी शैक्षणिक वर्ष में दोबारा परीक्षा देकर अपने अंक सुधार सकेंगे।

बोर्ड की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, सेकेंड बोर्ड परीक्षा का आयोजन मई माह में किया जाएगा। इसके लिए बोर्ड ने पहले से ही व्यापक तैयारियां कर ली थीं और परीक्षाफल घोषित होने से पहले ही इच्छुक छात्रों से आवेदन भी आमंत्रित कर लिए गए थे।

सीबीएसई की स्थानीय कोऑर्डिनेटर मंजू जोशी ने बताया कि यह नई व्यवस्था छात्रों को बिना एक साल गंवाए अपने प्रदर्शन में सुधार करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सेकेंड बोर्ड परीक्षा मुख्य रूप से उन विद्यार्थियों के लिए है जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं या किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गए हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य बोर्ड परीक्षा और सेकेंड बोर्ड परीक्षा—दोनों में से जिस परीक्षा में छात्र को अधिक अंक प्राप्त होंगे, वही उसके अंतिम अंक माने जाएंगे। यह प्रावधान छात्रों के हित में बनाया गया है ताकि उन्हें बेहतर परिणाम का लाभ मिल सके।

मंजू जोशी ने बताया कि सेकेंड बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए यह आवश्यक है कि छात्र-छात्राएं कम से कम तीन विषयों में उत्तीर्ण हों।

इसके अलावा, बोर्ड ने सेकेंड परीक्षा के लिए “लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स” (LOC) भी तैयार कर ली है। जिन विद्यार्थियों ने पहले ही इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है, लेकिन अब वे अपने मुख्य परीक्षा परिणाम से संतुष्ट हैं, वे अपने आवेदन को निरस्त भी करा सकते हैं।

यह नई पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य छात्रों को अधिक लचीला और छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली प्रदान करना है। CBSE की यह व्यवस्था निश्चित रूप से छात्रों के शैक्षणिक दबाव को कम करने और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के अवसर देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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