Sunday, April 19, 2026
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दून–पांवटा हाईवे पर लापरवाही से बढ़े हादसे, 10 दिन में 3 की मौत; संचालन प्रबंधक पर FIR

देहरादून:
देहरादून–पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते लगातार सड़क हादसे सामने आ रहे हैं। बीते 10 दिनों में इस मार्ग पर आठ दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें तीन लोगों की जान चली गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग के संचालन प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, हाल ही में निर्मित यह हाईवे एकतरफा मार्ग (वन-वे) है, जिसे पांवटा साहिब से आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित किया गया है। लेकिन मार्ग पर साइन बोर्ड, यातायात संकेतक, रिफ्लेक्टर और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इसके कारण वाहन चालक अनजाने में गलत दिशा में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

प्रेमनगर चौक से गोल चौराहे की ओर जाने वाले कई वाहन चालक बिना जानकारी के इस वन-वे मार्ग पर चढ़ जाते हैं। उन्हें यह अहसास तक नहीं होता कि वे गलत दिशा में वाहन चला रहे हैं। लगभग चार किलोमीटर आगे जाकर ही उन्हें उतरने का मौका मिलता है, तब तक हादसे की आशंका बनी रहती है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 8 अप्रैल को दो वाहनों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं, 10 अप्रैल को हुए एक अन्य हादसे में एक युवक की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। इसके बाद भी इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी रहा।

पुलिस ने लिया सख्त रुख
एसएचओ प्रेमनगर नरेश राठौर ने बताया कि एनएच के संचालन प्रबंधक को कई बार नोटिस जारी कर मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए संचालन प्रबंधक लोकेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

मौके पर निरीक्षण के बाद भी नहीं हुआ सुधार
पुलिस टीम ने संचालन प्रबंधक को घटनास्थल पर ले जाकर खामियां भी दिखाईं और तत्काल सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे हादसों में कमी नहीं आ सकी।

सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार हो रहे हादसों ने हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने भी जल्द से जल्द साइन बोर्ड, चेतावनी संकेतक और लाइटिंग की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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