रुद्रप्रयाग जनपद में स्थित विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आगामी 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। इससे पहले धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली का विधिवत प्रस्थान हो चुका है।
शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से रविवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच बाबा केदार की उत्सव डोली धाम के लिए रवाना हुई। डोली प्रस्थान से पूर्व मंदिर की परिक्रमा की गई और पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
डोली यात्रा के दौरान ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पुष्प वर्षा कर बाबा केदार का आशीर्वाद लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु डोली के साथ पैदल यात्रा पर भी निकल पड़े, जिससे यात्रा का उत्साह और भी बढ़ गया।
इस अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था। मंदिर परिसर को करीब आठ कुंतल फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र आकर्षक और दिव्य दिखाई दिया। इससे एक दिन पूर्व शनिवार रात्रि को भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना भी संपन्न की गई थी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर पहले गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां विश्वनाथ मंदिर में कुछ समय विश्राम कर श्रद्धालुओं को दर्शन देगी। इसके बाद डोली फाटा के लिए रवाना होगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा।
यात्रा के अगले चरण में 20 अप्रैल को सुबह डोली फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी और वहीं रात्रि विश्राम करेगी। इसके पश्चात 21 अप्रैल को प्रातःकाल गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर डोली मंदिर भंडार पहुंचेगी।
अंततः 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा।
यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा संचालन को लेकर व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं।