Thursday, May 7, 2026
Homeउत्तराखंडपीएम मोदी के संभावित टिहरी दौरे की तैयारी तेज, कोटीकॉलोनी में होगी...

पीएम मोदी के संभावित टिहरी दौरे की तैयारी तेज, कोटीकॉलोनी में होगी विशाल जनसभा; देश की पहली वेरिएबल स्पीड पीएसपी परियोजना राष्ट्र को कर सकते हैं समर्पित

उत्तराखंड के टिहरी जनपद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। टिहरी झील किनारे स्थित कोटीकॉलोनी में प्रधानमंत्री की विशाल जनसभा आयोजित कराने की तैयारी चल रही है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस दौरान देश की पहली वेरिएबल स्पीड 1000 मेगावाट पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) परियोजना को राष्ट्र को समर्पित कर सकते हैं। इसके साथ ही टिहरी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखने और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस माह के अंत या जून के पहले सप्ताह में टिहरी दौरे पर आ सकते हैं। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। कोटीकॉलोनी क्षेत्र में सभा स्थल के चयन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं।

8 हजार करोड़ की परियोजना का होगा लोकार्पण

टिहरी बांध की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज प्लांट परियोजना लगभग तैयार हो चुकी है। करीब 8 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी यह परियोजना देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना मानी जा रही है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बिजली की मांग के अनुसार उत्पादन को नियंत्रित करने में सक्षम होगी, जिससे ऊर्जा प्रबंधन को नई मजबूती मिलेगी।

वर्तमान में टिहरी बांध से 1000 मेगावाट और कोटेश्वर बांध से 400 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। अब पीएसपी परियोजना के जुड़ने से कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 2400 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। इससे उत्तर भारत के कई राज्यों को ऊर्जा आपूर्ति में बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

टिहरी मेडिकल कॉलेज की भी रखी जा सकती है आधारशिला

प्रधानमंत्री अपने प्रस्तावित दौरे के दौरान टिहरी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रख सकते हैं। लंबे समय से जिले में मेडिकल कॉलेज की मांग उठती रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों का मानना है कि मेडिकल कॉलेज बनने से पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को नई दिशा मिलेगी और लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

इसके अलावा प्रधानमंत्री टिहरी बांध प्रभावितों के पुनर्वास, रायल्टी, रिंग रोड परियोजना और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। इन विषयों को लेकर लंबे समय से स्थानीय स्तर पर मांग उठती रही है।

प्रधानमंत्री ने खुद जताई थी टिहरी आने की इच्छा

बताया जा रहा है कि पीएसपी परियोजना का लोकार्पण पहले 14 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन कार्यक्रम बाद में स्थगित कर दिया गया था। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं टिहरी आने की इच्छा जताई थी। इसके बाद से राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन लगातार कार्यक्रम को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है।

टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री को टिहरी आने का न्योता दिया है। विधायक का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे से बांध प्रभावितों की समस्याओं के समाधान, रायल्टी के मुद्दों के निस्तारण और मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।

विकास के पीछे संघर्ष और विस्थापन की कहानी

टिहरी बांध देश की सबसे महत्वपूर्ण जल विद्युत परियोजनाओं में से एक है। यहां से उत्पादित बिजली नौ राज्यों तक पहुंचाई जा रही है। इसके साथ ही दिल्ली और उत्तर प्रदेश को पेयजल एवं सिंचाई के लिए पानी भी इसी परियोजना से उपलब्ध कराया जाता है।

हालांकि इस विकास परियोजना के पीछे हजारों लोगों के विस्थापन और संघर्ष की कहानी भी जुड़ी हुई है। टिहरी बांध निर्माण के लिए पुराना टिहरी शहर पूरी तरह जलमग्न हो गया था। इसके अलावा 37 गांव पूरी तरह झील में समा गए थे, जबकि 88 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हुए थे। बांध प्रभावित हजारों परिवारों का पुनर्वास नई टिहरी, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में किया गया था।

अब प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर पूरे टिहरी क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस दौरे से विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी और वर्षों से लंबित कई समस्याओं के समाधान का रास्ता भी खुलेगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments