Sunday, October 25, 2026
HTML tutorial
HTML tutorial
Homeअपराधबदरीनाथ हेलिपैड विस्तार के लिए भेजा गया 1.4 करोड़ का चेक गायब,...

बदरीनाथ हेलिपैड विस्तार के लिए भेजा गया 1.4 करोड़ का चेक गायब, रजिस्ट्री पर दर्ज हस्ताक्षरों से बढ़ा रहस्य

बदरीनाथ धाम में हेलिपैड विस्तार कार्य के लिए भेजा गया 1.4 करोड़ रुपये का चेक रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया है। मामला सामने आने के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) की ओर से यह चेक रजिस्ट्री डाक के माध्यम से ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) गोपेश्वर कार्यालय भेजा गया था, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रजिस्ट्री आखिर किस अधिकारी या कर्मचारी ने प्राप्त की।

जानकारी के अनुसार बदरीनाथ धाम में हेलिपैड के विस्तार का कार्य यूकाडा की ओर से कराया जा रहा है, जबकि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ग्रामीण निर्माण विभाग को सौंपी गई है। परियोजना की कुल लागत करीब 1.68 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसी योजना के तहत यूकाडा ने प्रथम किस्त के रूप में 1.4 करोड़ रुपये का चेक देहरादून से रजिस्ट्री के जरिए भेजा था।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब आरडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अला दीया ने निर्माण कार्य के लिए धनराशि उपलब्ध कराने को लेकर यूकाडा अधिकारियों से संपर्क किया। इस पर यूकाडा अधिकारियों ने बताया कि विभाग की ओर से चेक पहले ही भेजा जा चुका है और रिकॉर्ड के अनुसार 6 अप्रैल को उसे रिसीव भी कर लिया गया था।

इसके बाद आरडब्ल्यूडी कार्यालय में हड़कंप मच गया। अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई, लेकिन सभी ने रजिस्ट्री प्राप्त करने से इन्कार कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने कर्मचारियों और अधिकारियों के हस्ताक्षरों का मिलान भी कराया, लेकिन डाक विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज हस्ताक्षर किसी से मेल नहीं खाए। इससे पूरे मामले में रहस्य और गहरा गया है।

अधिशासी अभियंता अला दीया ने बताया कि बदरीनाथ में 20 अप्रैल से हेलिपैड विस्तार का कार्य शुरू हो चुका है। हेलिपैड को एमआई-17 हेलिकॉप्टर की लैंडिंग के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके तहत हेलिपैड की चौड़ाई 30 मीटर से बढ़ाकर 45 मीटर की जा रही है ताकि बड़े हेलिकॉप्टरों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने बताया कि एचडीएफसी बैंक से चेक नंबर की जांच कराई गई है। फिलहाल बैंक रिकॉर्ड में धनराशि निकाले जाने की पुष्टि नहीं हुई है। एहतियात के तौर पर बैंक प्रबंधन को चेक निरस्त करने के लिए पत्र भेज दिया गया है। साथ ही यूकाडा से दूसरा चेक जारी करने का अनुरोध भी किया गया है।

अब विभागीय स्तर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रजिस्ट्री आखिर किसके पास पहुंची और चेक कैसे गायब हुआ। मामले में लापरवाही या किसी साजिश की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा रहा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
HTML tutorial
HTML tutorial

Most Popular

Recent Comments