Tuesday, May 26, 2026
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देहरादून में एसएससी ऑनलाइन परीक्षा नकल कांड का बड़ा खुलासा, यूपी-उत्तराखंड कनेक्शन से फंसेंगी बड़ी मछलियां

देहरादून: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षाओं में बड़े स्तर पर नकल कराने वाले गिरोह का खुलासा होने के बाद अब जांच एजेंसियों का शिकंजा तेजी से कसता जा रहा है। उत्तराखंड एसटीएफ और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क केवल उत्तराखंड या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि देशभर में फैले एक संगठित रैकेट के रूप में काम कर रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि जल्द ही इस मामले में कई “बड़ी मछलियां” भी गिरफ्त में आ सकती हैं।

जानकारी के अनुसार, एसएससी की ऑनलाइन परीक्षाओं में एक विशेष पैटर्न के तहत अभ्यर्थियों को पास कराने का खेल चल रहा था। इसके लिए परीक्षा केंद्रों और ऑनलाइन लैब के सर्वर रूम में तकनीकी छेड़छाड़ कर नकल का पूरा तंत्र तैयार किया गया था। उत्तराखंड एसटीएफ ने सबसे पहले देहरादून स्थित एमकेपी कॉलेज में स्थापित एक ऑनलाइन लैब में फरवरी महीने में नकल का भंडाफोड़ किया था। जांच के दौरान सामने आया कि “महादेव डिजिटल” नाम की संस्था द्वारा देशभर में करीब 500 ऑनलाइन लैब स्थापित की गई थीं।

100 से अधिक लैब में बनाया गया नकल का नेटवर्क

एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि इन 500 लैब में से 100 से अधिक केंद्र ऐसे थे, जहां सर्वर रूम तक गिरोह के सदस्यों को विशेष एक्सेस दी गई थी। इसी एक्सेस के जरिए परीक्षार्थियों को परीक्षा के दौरान तकनीकी सहायता देकर नकल कराई जाती थी। मामले का खुलासा होने के बाद देहरादून की संदिग्ध लैब को तत्काल बंद करा दिया गया।

एसटीएफ लगातार इस गिरोह के सदस्यों की धरपकड़ में जुटी रही। इसी क्रम में 16 मई को गिरोह के एक अहम सदस्य को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि देशभर में स्थापित लैब के जरिए सुनियोजित तरीके से ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली कराई जा रही थी।

नोएडा में भी मिला वही पैटर्न

उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने भी जांच शुरू की। इसके बाद नोएडा में आयोजित एसएससी की सीएपीएफ, एसएसएफ और असम राइफल्स भर्ती परीक्षा के दौरान बड़े नकल रैकेट का पर्दाफाश किया गया। यूपी एसटीएफ ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें देहरादून मामले में वांछित अमित राणा और उसका एक साथी भी शामिल हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, नोएडा में जिस तरीके से नकल कराई जा रही थी, उसका पैटर्न देहरादून के एमकेपी लैब मामले से पूरी तरह मेल खाता है। इससे यह स्पष्ट हो गया कि दोनों राज्यों में एक ही नेटवर्क सक्रिय था।

परीक्षार्थियों से वसूले जा रहे थे लाखों रुपये

नोएडा में हुई कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर चार-चार लाख रुपये तक वसूले जा रहे थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस रैकेट में तकनीकी विशेषज्ञों, लैब संचालकों और कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों की भी भूमिका हो सकती है।

एसएससी परीक्षाओं की शुचिता पर उठे सवाल

कर्मचारी चयन आयोग केंद्र सरकार की विभिन्न सेवाओं में भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है। बीते कुछ वर्षों में अधिकांश परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में कराई जा रही हैं। ऐसे में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में सामने आए मामलों ने ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आगामी एसएससी परीक्षाओं के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा या फिर जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंका है, उन्हें दोबारा आयोजित किया जा सकता है।

एसटीएफ ने दिए बड़े संकेत

उत्तराखंड एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि अब तक नकल मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नोएडा में हुई कार्रवाई में भी उत्तराखंड के वांछित आरोपी पकड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों राज्यों में एक ही पैटर्न पर नकल कराई जा रही थी और मामले की जांच लगातार जारी है। एसएसपी ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में इस प्रकरण में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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