देहरादून। राजधानी स्थित प्रसिद्ध वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) आज से एक बार फिर पर्यटकों और आगंतुकों के लिए खोल दिया जाएगा। सुरक्षा कारणों के चलते करीब चार माह पहले संस्थान को बंद कर दिया गया था। अब प्रतिबंध हटने के बाद पर्यटक दोबारा एफआरआई परिसर और संग्रहालय का भ्रमण कर सकेंगे। हालांकि, संस्थान प्रशासन ने इस दौरान प्रवेश शुल्क और पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी भी कर दी है।
एफआरआई प्रशासन के अनुसार, भारतीय नागरिकों के लिए पैदल प्रवेश शुल्क अब 100 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं संग्रहालय देखने के लिए पर्यटकों को 150 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। विदेशी नागरिकों के लिए प्रवेश शुल्क एक हजार रुपये तय किया गया है, जबकि संग्रहालय में प्रवेश के लिए उन्हें 1500 रुपये अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा।
संस्थान प्रशासन ने वाहन पार्किंग शुल्क में भी बदलाव किया है। स्कूटर और बाइक के लिए 50 रुपये पार्किंग शुल्क निर्धारित किया गया है। निजी कार और टैक्सी के लिए 150 रुपये शुल्क लिया जाएगा। इसके अलावा ऑटो रिक्शा का पार्किंग शुल्क 100 रुपये और बस या ट्रक के लिए 300 रुपये तय किया गया है।
एफआरआई की प्रभारी निदेशक ऋचा मिश्रा ने बताया कि संस्थान को 16 जनवरी 2026 को सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बंद किया गया था। उस समय इसे अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया था। अब परिस्थितियां सामान्य होने के बाद पर्यटकों के लिए दोबारा खोलने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने बताया कि संस्थान में आने वाले पर्यटकों की संख्या को देखते हुए शुल्क में संशोधन किया गया है। एफआरआई देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है और यहां स्थित संग्रहालय शैक्षिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
छात्रों के लिए विशेष शुल्क व्यवस्था
संस्थान प्रशासन ने छात्रों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था लागू की है। स्कूली बच्चों से संग्रहालय प्रवेश के लिए 30 रुपये प्रति बच्चा शुल्क लिया जाएगा। वहीं कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए यह शुल्क 50 रुपये प्रति छात्र निर्धारित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की वैज्ञानिक और शैक्षिक गतिविधियों से जोड़ना है।