Sunday, October 25, 2026
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दुखद: आतंकवाद विरोधी अभियान के चलते उत्तराखंड का लाल लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शहीद

देहारादून: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अल्मोड़ा के युवा सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए। शनिवार शाम ऑपरेशन शेरावाली के तहत तलाशी अभियान का नेतृत्व करते समय दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में गिर गए। साथी जवानों ने तत्काल बचाव अभियान चलाया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

अथरबनी, पाण्डेखोला निवासी तथा मूल रूप से बाड़ी, बग्वालीपोखर के रहने वाले 25 वर्षीय लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी 5 असम रेजिमेंट में तैनात थे। उन्होंने कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत, कक्षा 9 से 12 तक सैनिक स्कूल घोड़ाखाल तथा स्नातक की पढ़ाई ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय से पूरी की थी। वह स्नातक स्तर पर रजत पदक विजेता रहे थे। उन्होंने एनडीए परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी तथा सेना में शामिल होने से पूर्व उनका चयन कैट, एनएलयू और इंग्लैंड के एक विश्वविद्यालय में भी हुआ

बीरेश्वर जनवरी 2023 में सेना में शामिल हुए थे तथा जून 2024 में उन्हें कमीशन प्राप्त हुआ था। परिजनों के अनुसार दो दिन बाद उनका कैप्टन पद पर पदोन्नति होना भी प्रस्तावित था। दो भाइयों में छोटे बीरेश्वर बचपन से ही सेना में जाकर देश सेवा का सपना देखते थे।

उनके पिता भनोली तहसील में मुख्य प्रशासनिक पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता सरस्वती गोस्वामी प्राथमिक विद्यालय वलसा में प्रधानाध्यापिका हैं। शहादत की सूचना मिलते ही परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनका पार्थिव शरीर जम्मू से अल्मोड़ा आर्मी हेलिपैड लाया गया, जहां सेना, प्रशासन और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर उनके आवास ले जाया गया तथा विश्वनाथ घाट में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के निधन पर सांसद अजय टम्टा, विधायक मनोज तिवारी, मेयर अजय वर्मा, दर्जामंत्री गोविंद पिलख्वाल, गंगा बिष्ट, कुंदन लटवाल, रवि रौतेला, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, पूर्व दर्जामंत्री बिट्टू कर्नाटक सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन शेरावाली मई के अंतिम सप्ताह से राजौरी के दोरीमाल-गंभीर मुगलान क्षेत्र के घने जंगलों में चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों की तलाश कर उन्हें निष्क्रिय करना है। सेना और अर्धसैनिक बल पिछले कई दिनों से दुर्गम पहाड़ी इलाकों में सघन तलाशी अभियान संचालित कर रहे हैं।

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