उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शासन स्तर पर जारी है। विवि का कुलपति बनने के लिए करीब 300 प्रोफेसरों ने आवेदन किया है। ये पहला मौका है जब किसी विवि का वीसी बनने के लिए इतनी संख्या में लोगों ने आवेदन आए हैं। नियुक्ति को लेकर शासन स्तर बनाई गई समिति ने आवेदनों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार मई माह के अंत तक यूओयू के नए कुलपति की तैनाती को लेकर अंतिम फैसला हो सकता है।
दरअसल, यूओयू के मौजूदा कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी का कार्यकाल फरवरी माह के पहले हफ्ते में समाप्त हो गया था। लेकिन राजभवन ने प्रो. नेगी को 6 माह का कार्यकाल विस्तार दिया है। इसमें यह शर्त भी लगाई गई है कि 6 माह या नए कुलपति की नियुक्ति जो भी पहले हो तब तक प्रो. नेगी ही कुलपति बने रहेंगे। वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने फरवरी माह के अंत में नए कुलपति की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। मार्च माह के तीसरी हफ्ते के अंत में आवेदन प्रक्रिया सम्पन्न हो गई है। अब शासन स्तर पर आवेदनों की स्क्रीनिंग की जा रही है। करीब 300 प्रोफेसरों द्वारा आवेदन किए जाने की सूचना है। इन सभी आवेदनों में से शासन तीन का चयन कर राजभवन को भेजेगा। शासन स्तर से भेजे गए तीन आवेदकों में एक पर राजभवन फैसला लेगा। विवि के कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी को मिले कार्यकाल विस्तार की अवधि अगस्त माह में समाप्त होनी है। ऐसे में सरकार को उससे पहले नई नियुक्ति करनी है।
शासन ने विवि से कागजों के 10 रिम मांगे ::
यूओयू के कुलपति की नियुक्ति को लेकर बम्पर आवेदन आए हैं। शासन ने आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। ऐसे में स्क्रीनिंग के लिए आवेदनों का प्रिंट निकालकर उसका अध्ययन किया जाएगा। विवि के अधिकारियों के अनुसार आवेदनों का प्रिंट निकालने के लिए शासन ने विवि से ए-4 कागजों के 10 रिम मांगे हैं। एक रिम में करीब 500 पेपर होते हैं। ऐसे में कुलपति की नियुक्ति के लिए करीब 5000 पेजों में आवेदनों को निकाला जाएगा और उसमें से छटनी की जाएगी।