Friday, October 16, 2026
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चुनौती बनेंगे 40 से अधिक डेंजर लैंडस्लाइड जोन, जानिए किस धाम की राह में कितनी बाधाएं

चारधाम यात्रा का संचालन सुगम तरीके से हो, इसके लिए सड़कों को खुला रखना जरूरी है, लेकिन यात्रा मार्ग पर सक्रिय 40 से अधिक भूस्खलन क्षेत्र स्थानीय प्रशासन और सरकार के लिए चुनौती बनेंगे। शासन की मानें तो इन क्रॉनिक एक्टिव लैंड स्लाइड जोन के ट्रीटमेंट पर सौ करोड़ रुपये से अधिक बजट खर्च किया जा रहा है। हालांकि यात्रा शुरू होने से पूर्व इनमें से ज्यादातर का काम पूरा नहीं हो पाएगा। उधर, गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर चिन्यालीसौड़ से लेकर धरासू बैंड तक हाईवे का काम कछुवा गति से चल रहा है। यहां सड़क बेहद जर्जर स्थिति में है। अगर यात्रा से पूर्व काम पूरा नहीं हुआ तो इसका सीधा असर चारधाम यात्रा पर पड़ेगा।
चारधाम मार्ग पर चिह्नित बड़े लैंडस्लाइड जोन
टिहरी में अटालीगंगा होटल के समीप, होटल ताज के निगट सिंगटाली, कौड़ियाला पानी गदेरा के निकट, महादेव चट्टी, तोताघाटी, तीनधारा, देवप्रयाग तहसील के निकट, मूल्यागांव, पौड़ी में फरासू और चमधार, रुद्रप्रयाग में जवाड़ी बाईपास के निकट, नरकोटा, सिरोबगड़, डीएफओ ऑफिस के निकट, बांसवाड़ा में दो जगह, काकड़ागाड़, सेमी बैंड, देवीधार, ब्यूंगाड़ खुमेरा, खुुमेरा (खाट), खाट, जामू, चंडिकाधार, कालाडूंगी, मुनकटिया, वाड़ा, चुन्नी बैंड, मस्तुरा, उत्तरकाशी में धरासू, छटांगा, सिलाई बैंड, ओजरी, खराड़ी, किसाला में दो जगह और पालीगाड़ में बेहद खतरनाक लैंडस्लाइड जोन सक्रिय हैं।
निर्माण की गति धीमी, डेंजर जोनों की भरमार
गंगोत्री : गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंबा से लेकर धरासू के बीच 12 से अधिक डेंजर जोन हैं। कंडीसौड़ के निकट रोमलगांव धार में भूस्खलन जोन सक्रिय बना हुआ है। चिन्यालीसौड़ के निकट नगुण के पास दूसरा बड़ा डेंजर जोन है। बडे़थी से धरासू बैंड के डेंजर जोन क्षेत्र में निर्माण की गति धीमी है।
यमुनोत्री : यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरासू बैंड से लेकर सिलक्यार के बीच दो बड़े डेंजर जोन हैं। सड़क की हालत भी बदहाल है। डाबरकोट भूस्खलन जोन का भी ट्रीटमेंट नहीं हुआ है। पालीगाड़ से फूलचट्टी तक सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे बने हुए हैं। साथ ही इस क्षेत्र में भी चार बड़े डेंजर जोन हैं।
बदरीनाथ : बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कमेड़ा, चडुवा पीपल, कालेश्वर, लंगासू, बैडाणू, देवलीबगड़, नंदप्रयाग, मैठाणा, कुहेड़, बिरही चट्टान, भनारपानी, हेलंग, सेलंग, लामबगड़ आदि डेंजर जोन हैं। इनमें से कई जोन हल्की सी बारिश में सक्रिय हो जाते हैं।
केदारनाथ : केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बासवाड़ा, बडासू, डोलिया देवी के पास डेंजर जोन हैं। बारिश के दौरान भूस्खलन के कारण इस हाईवे में यातायात में बहुत ही दिक्कतें सामने आती हैं। इसके अलावा गैरीकुंड को जोड़ने वाली पांच किलोमीटर की सड़क भी बेहद ही संकरी है।
लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट में सौ करोड़ से अधिक खर्च
चारधाम यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड जोन चुनौती हैं, लेकिन हम उच्च तकनीक का इस्तेमाल कर मॉर्थ के मानकों के तहत इनका ट्रीटमेंट कर रहे हैं। लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट में सौ करोड़ रुपये अधिक की धनराशि खर्च की जा रही है। टीएचडीसी के साथ पीडब्ल्यूडी और अन्य एजेंसियां इन पर काम कर रही हैं। – आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव लोनिवि

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