हल्द्वानी/लालकुआं/हल्दूचौड़। एनजीटी ने मोतीनगर स्थित दो स्टोन क्रशरों के संचालन पर रोक लगा दी है। डीएम को आदेश की कॉपी भेजकर तुरंत इन दो स्टोन क्रशरों को बंद करने के लिए भी कहा है। एडीएम अशोक जोशी ने कहा कि आदेश मिल गए हैं, जल्द ही एनजीटी के आदेशों का पालन किया जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की प्रिंसिपल बैंच ने मोतीनगर स्थित हिमालयन स्टोन इंड्रस्टीज और हिमालयन ग्रिड को मानकों के विपरीत चलता हुआ पाया है। आदेश में कहा गया है कि मानकों के अनुसार स्टोन क्रशर के लिए फॉरेस्ट से 100 मीटर दूरी, स्कूल, हॉस्पिटल, नर्सिंग होम से 300 मीटर दूरी, आबादी से 300 मीटर दूरी का मानक है। इसके बावजूद ये स्टोन क्रशर पंचायत घर के पास, कैनाल नहर से पांच मीटर, आबादी से 30 मीटर, भारतीय शिक्षा निकेतन से 80 मीटर, प्राइमरी स्कूल से 97 मीटर और इंटर कालेज से 110 मीटर दूरी पर स्थित हैं। ऐसे में यह स्टोन क्रशर मानकों पर खरा नहीं उतरते हैं। एनजीटी ने डीएम नैनीताल को इनके संचालन पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता वीके शुक्ला और दुष्यंत मैनाली ने बुधवार को जिलाधिकारी नैनीताल को भेजे पत्र में कहा कि एनजीटी की ओर से जारी आदेश को लागू करवाने के लिए जिला प्रशासन आवश्यक कदम उठाए। इधर, डीएम धीराज गर्ब्याल का कहना है कि उन्हें अभी तक एनजीटी के आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश की प्रति मिलने पर उनका पालन किया जाएगा। वहीं उपनिदेशक खनन राजपाल लेघा का कहना है कि उन्हें एनजीटी द्वारा जारी किया गया आदेश जिलाधिकारी कार्यालय को आधिकारिक रूप से प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर क्रशरों को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि उनका संचालन ना हो। बता दें की मोतीनगर निवासी तेजिंदर कुमार जॉली ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में हिमालय स्टोन इंडस्ट्री व हिमालया ग्रिड द्वारा क्षेत्र में वायु व ध्वनि प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाते हुए रिट दायर की थी।