जीएसटी में केंद्र सरकार की ओर से दी गई छूट की अवधि समाप्त हो रही है। इससे राज्य को पांच हजार करोड़ राजस्व नुकसान होने का अनुमान है। इसकी भरपाई की दिशा में सोचना है।’ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह बात गुरुवार को अपने आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में कही। राज्य का बजट सामान्य जनता का बजट बने इसके लिए नैनीताल के बाद देहरादून में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धर्म और आध्यात्म का केंद्र है। राज्य की पारिस्थितिकी और आर्थिकी को साथ लेकर चलना है। उत्तराखंड आत्मनिर्भर तभी बनेगा जब हम सब अपने दायित्वों का सही ढंग में निर्वहन करें। सरकार की ओर से तैयार किए जा रहे बजट में आम जनता के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके लिए बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। जिसमें उद्योग, व्यापार, होटल, पर्यटन, कृषि आदि विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के सुझाव प्राप्त हुए है। इन सुझावों का समावेश बजट में किया जाएगा। राजकीय कोष को बढ़ाने के लिए कर राजस्व को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ ही अनेक महत्वपूर्ण सुझावों को अमल में लाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। इसके लिए यह जरूरी है कि उद्यमी युवाओं के मददगार बने। वित्त मंत्री प्रेमचद अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में पहली बार बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के विकास की परिकल्पना भी साकार होगी। इस मौके विधायक खजान दास, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. दुर्गेश पंत ने किया।
पूर्व बजट संवाद में ये दिए सुझाव
नए आईटीआई खोलने और नए ट्रेड को मिले बढ़ावा
पीएचडी चेंबर आफ कामर्स इंडस्ट्री के अध्यक्ष हेमंत कोचर ने सुझाव दिया कि प्रदेश में उद्योगों के सामने दक्ष मानव संसाधन की कमी है। प्रदेश में नए आईटीआई स्थापित करने के उद्योगों की मांग के अनुरूप ट्रेड शुरू करने के लिए बजट में व्यवस्था होनी चाहिए। पर्यटन उद्योग में प्रत्यक्ष राजस्व को कम कर अप्रत्यक्ष राजस्व पर फोकस किया जाए। इज आफ डूईंग बिजनेस की वेबसाइट को यूजर फ्रैंडली बनाने के लिए कुछ किया जाना चाहिए।
बाहर से आने वाले वाहनों पर लगे इनवायरमेंट टैक्स
उत्तराखंड इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील उनियाल और महासचिव महेश शर्मा ने सुझाव दिया कि बजट में हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड से बाहर की गाड़ियों पर इनवायरमेंट टैक्स लगाया जाए। उद्योगों को नेचुरल मिनरल वाटर और गंगा जल को उपयोग करने की छूट दी जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए। छोटे व्यापारियों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार को बैंकों के साथ एमओयू करना चाहिए।