Tuesday, November 3, 2026
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अमित शाह का हरिद्वार दौरा: ‘जिगर के टुकड़ों’ से साधा उत्तराखंड का भविष्य, अपनों को दी नसीहत

हरिद्वार। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मनगरी हरिद्वार के बैरागी कैंप से उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है। ‘जन-जन की सरकार: चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के माध्यम से शाह ने न केवल राज्य की धामी सरकार के कामकाज की पीठ थपथपाई, बल्कि युवाओं को “जिगर के टुकड़े” कहकर संबोधित करते हुए एक नया भावनात्मक विमर्श (Narrative) भी खड़ा कर दिया।

युवाओं की ‘धड़कन’ पर शाह का फोकस

रैली के दौरान शाह का पूरा ध्यान राज्य के युवा मतदाताओं पर रहा। उन्होंने मंच से कई बार युवाओं को ‘जिगर के टुकड़े’ कहकर पुकारा, जो सीधे तौर पर राज्य में बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों पर विपक्ष की घेराबंदी को नाकाम करने की कोशिश मानी जा रही है। शाह ने संदेश दिया कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार युवाओं के भविष्य के प्रति गंभीर है।

भीतरघात और गुटबाजी पर ‘कड़ा प्रहार’

शाह ने हरिद्वार की धरती से भाजपा के भीतर चल रही गुटबाजी पर भी विराम लगाने का प्रयास किया। उन्होंने मंच पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खुले दिल से तारीफ की, जिससे उन नेताओं को स्पष्ट संदेश गया जो सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते रहे हैं।

  • एकजुटता का संदेश: अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों—त्रिवेंद्र सिंह रावत, रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत का नाम लेकर यह स्पष्ट किया कि पार्टी एकजुट है।

  • नेताओं को नसीहत: शाह ने नेताओं को साफ कह दिया है कि अब बयानबाजी छोड़कर सीधे चुनावी मोड में उतरने का समय आ गया है।


विकास और विरासत का संगम

गृह मंत्री ने ₹1,129 करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और केदारनाथ पुनर्निर्माण जैसे प्रोजेक्ट्स को भाजपा की मुख्य उपलब्धि बताया।

“शाह ने हरिद्वार की पावन भूमि से विकास और संस्कृति के मेल को हिंदू वोट बैंक की एकजुटता के लिए एक मजबूत ढाल की तरह इस्तेमाल किया।”

प्रमुख बिंदु: एक नजर में

क्षेत्र मुख्य आकर्षण
भावनात्मक कार्ड युवाओं को ‘जिगर के टुकड़े’ कहकर संबोधित किया।
राजनीतिक संदेश सीएम धामी के नेतृत्व पर मुहर और गुटबाजी खत्म करने का निर्देश।
विकास कार्य ₹1129 करोड़ की योजनाओं की सौगात।
रणनीति धर्मनगरी से हिंदुत्व और विकास के एजेंडे को धार दी।

निष्कर्ष: तीसरी जीत का ‘बीज मंत्र’

अमित शाह ने हरिद्वार से जीत का जो मंत्र दिया है, उसका आधार युवा, विकास और पार्टी का अनुशासन है। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाकर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा है। अब संगठन को शाह के इस ‘बंद संदेश’ को धरातल पर उतारना होगा ताकि आगामी चुनावों में भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रख सके।

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