Saturday, August 30, 2025
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अवधपुरी अति रुचिर बनाई, देवह्न सुमन वृष्टि झरि लाई

हल्द्वानी। अवधपुरी अति रुचिर बनाई, देवह्न सुमन वृष्टि झरि लाई… चौपाई के साथ उत्थान मंच परिसर में महिला रामलीला का समापन हो गया। अंतिम दिन के मंचन में रावण वध और श्री राम का राज्याभिषेक किया गया। मंगलवार को रामलीला के मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने रामलीला की आयोजकों और प्रतिभाग कर रहीं महिलाओं के अभिनय की सराहना की। समापन दिवस के मंचन में राम की भूमिका में मानसी, लक्ष्मण-लक्षिता, सीता-तेजस्विनी, भरत-दिव्यांशी, शत्रुघ्न-सिद्धि, कौशल्या-कमला रौतेला, सुमित्रा-आशा दर्म्वाल, कैकेई-मीना राणा, रावण-गीता दर्म्वाल, सुग्रीव-प्रिया कश्मीरा, हनुमान-तनुजा जोशी, जामवंत-प्रेमा जोशी, मेघनाद-सुमन शाह, अंगद-उर्वशी बोरा, मन्दोदरी-रीता पांडे, अहिरावण-अलका टंडन, काल-दीप्ति चुफाल, सुमंत-लीला मनराल, वशिष्ठ-नीमा गोस्वामी, कुल पुरोहित, राक्षस सेना और बंदर सेना आदि रहे। इस मौके पर नारायणपाल, गोपाल पाल, डाॅ. रेनू सरन, खटीमा से रनदीप पोखरिया के साथ ही रामलीला आयोजक पुनर्नवा महिला समिति की अध्यक्ष लता बोरा, शांति जीना, कल्पना रावत, जानकी पोखरिया, जया बिष्ट, मंजू बनकोटी, निर्मला बहुगुणा, यशोदा रावत, तुलसी रावत, प्रेमा बृजवासी, कुसुम बोरा, अंजना बोरा आदि मौजूद रहे।
पर्दे के पीछे पुरुषों ने रामलीला को बनाया सफल
हल्द्वानी। महिला रामलीला को सफल बनाने के लिए अभिनय करने वाली महिलाओं को पात्रों के रूप में तैयार करने वाले पुरुषों की भूमिका रामलीला में अहम रही। परदे के पीछे रहकर महिलाओं की सुरक्षा और पूरी व्यवस्था बनाने वाले मनोज नेगी, मेकअप करने वाले प्रभु हों या तालीम मास्टर मनोज जोशी, हर किसी ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है।
महिलाओं को प्रभु ने सजाया
हिम्मतपुर तल्ला के रहने वाले प्रभु बीए संगीत के छात्र हैं। ऊंचापुल की रामलीला में सीता और राम का अभिनय करते हैं। महिला रामलीला की सभी पात्रा को प्रभु ने सजाया है। तबलावादक की भूमिका भी निभाई। इनके पिता हनुमान जी का रोल करते थे।

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