श्रीनगर (गढ़वाल)।
देश के रक्षा स्टाफ प्रमुख (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान अपने श्रीनगर गढ़वाल दौरे के दौरान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया। इस अवसर पर उनकी पत्नी अनुपमा चौहान भी मौजूद रहीं।
विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीएस ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना या वर्दीधारी बलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सामरिक सोच को आम जनता तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि देश की सुरक्षा के प्रति व्यापक जागरूकता विकसित हो सके।
उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ सैन्यभूमि बताते हुए कहा कि यहां के युवाओं की देश सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य अपनी इस विशिष्ट पहचान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में और अधिक योगदान दे सकता है।
अपने संबोधन में जनरल चौहान ने कहा कि वे स्वयं को हमेशा एक विद्यार्थी मानते हैं और जीवन में सादगी को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि सादगी ही व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान ने बीते पांच दशकों में परिश्रम और समर्पण के बल पर उल्लेखनीय प्रगति की है।
रक्षा मामलों पर खुले विमर्श की जरूरत
सीडीएस ने कहा कि भारत में रणनीतिक संस्कृति को लेकर कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। रक्षा और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए, जिससे समाज इन मुद्दों को बेहतर तरीके से समझ सके।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हाल ही में 74 शिक्षकों को पदोन्नति दी गई है। आधारभूत संरचना के विकास के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से पांच परियोजनाएं केंद्र सरकार को प्रस्तावित की गई हैं। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए सिविल सेवा परीक्षा की निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी कार्य जारी है।
विश्वविद्यालय ने गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के साथ जूनियर लेवल डिफेंस मैनेजमेंट डिप्लोमा के लिए समझौता भी किया है। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सवाल पूछे, जिनका सीडीएस ने विस्तार से जवाब दिया।