Tuesday, November 3, 2026
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Chamoli: सड़क के अभाव में बीमार महिला को डंडी से 5 किमी पैदल ले गए ग्रामीण, चार साल बाद भी अधूरा पड़ा पदमल्ला-कंजरू-ऐरठा मार्ग

चार साल पहले स्वीकृत हुई सड़क आज तक नहीं बनी, ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही भारी दिक्कतें

चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के ऐरठा गांव में सड़क सुविधा के अभाव का दर्द एक बार फिर सामने आया है। गुरुवार को गांव की एक बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को डंडी के सहारे करीब पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में पदमल्ला-कंजरू-ऐरठा मोटर मार्ग के लिए आठ किलोमीटर सड़क स्वीकृत की गई थी, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते गांव के लोगों को आज भी स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए कठिन पहाड़ी रास्तों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

बीमार महिला को डंडी से अस्पताल पहुंचाया

जानकारी के अनुसार, ऐरठा गांव निवासी हिमांती देवी (पत्नी खड़क राम) की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस या अन्य वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी।

ऐसे में ग्रामीणों ने उन्हें डंडी में बैठाकर लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

अनुसूचित जाति बहुल गांव के ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

बताया जा रहा है कि ऐरठा गांव अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र है। सड़क न होने के कारण यहां के ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है।

सड़क सुविधा के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी बीमार और गर्भवती महिलाओं को होती है। वहीं गांव के बच्चों को भी स्कूल पहुंचने के लिए रोजाना जोखिम भरे पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है।

कई बार उठाई सड़क निर्माण की मांग

ग्राम प्रधान प्रेमा देवी ने बताया कि वर्ष 2021 में पदमल्ला-कंजरू-ऐरठा सड़क को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन अब तक सड़क की कटिंग तक शुरू नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

ग्राम प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया तो गांव के लोग आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान से दूरी बना सकते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में उनका जीवन कठिन बना हुआ है और वे जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।

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