चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में हरियाणा पुलिस की अभिरक्षा में गोपेश्वर निवासी एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की बेटी की शिकायत पर गोपेश्वर कोतवाली पुलिस ने पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या, अपहरण, डकैती और गाली-गलौच के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपेश्वर क्षेत्र के निवासी व्यक्ति को रविवार को कथित रूप से हरियाणा पुलिस के पांच लोग अपने साथ जबरन ले गए थे। मृतक की बेटी आशा देवी, निवासी सिंद्रवाणी (गौचर), ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उक्त लोग उनके पिता को अपने साथ ले गए और बाद में उन्हें बेस अस्पताल में मृत अवस्था में छोड़ दिया।
आशा देवी का कहना है कि उनके पिता की जेब में लगभग 25 हजार रुपये थे, जो अस्पताल में लाए जाने के समय गायब थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घर में घुसकर लूटपाट की गई और परिवार के साथ गाली-गलौच भी की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए गोपेश्वर कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थानाध्यक्ष अनुरोध व्यास ने बताया कि शिकायत के आधार पर हत्या, अपहरण, डकैती और गाली-गलौच के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
इधर, घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सोमवार सुबह पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण स्थानीय लोगों के साथ एसपी सुरजीत सिंह पंवार से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान पंकज पुरोहित, अशोक बिष्ट, धीरज राणा, महेंद्र नेगी और धीरेंद्र फरस्वाण समेत कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।