चमोली। जनपद चमोली के कर्णप्रयाग क्षेत्र में पुलिस कर्मियों की भारी कमी के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है। वर्तमान में कोतवाली कर्णप्रयाग में केवल 32 पुलिस कर्मी तैनात हैं, जबकि 155 गांवों की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है। ऐसे में एक पुलिसकर्मी के पास पांच से अधिक गांवों की सुरक्षा का बोझ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
32 कर्मियों के लिए 80 की जरूरत
कोतवाली कर्णप्रयाग क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 80 पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है। हालाँकि, वर्तमान में मात्र 32 कर्मी तैनात हैं। इस कारण से पुलिस का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और पर्याप्त निगरानी बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
102 और गांवों को जोड़ने का प्रस्ताव
वर्तमान में 155 गांव कोतवाली कर्णप्रयाग क्षेत्र में आते हैं। वहीं 102 और गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो सीमित स्टाफ पर और अधिक दबाव बढ़ेगा।
ग्राम प्रहरियों की स्थिति
ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात ग्राम प्रहरियों के पास सुरक्षा संसाधनों की कमी है। वे अल्प मानदेय में कार्यरत हैं और उनके पास प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के साधन नहीं हैं। इससे राज्य सरकार के ग्रामीण सुरक्षा सुधार के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
हालिया घटनाओं ने बढ़ाई चुनौती
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जनवरी में लोनिवि के मैगजीन स्टोर से डेटोनेटर और फ्यूज वायर चोरी की घटना हुई। पुलिस ने दो किशोरों को गिरफ्तार किया।
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फरवरी में चेकिंग के दौरान एक कार से 21 बोतल अवैध शराब बरामद की गई।
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इसी माह एक नाबालिग लापता हुआ, जिसे पुलिस ने हरिद्वार से बरामद किया।
निरीक्षक का बयान
कोतवाली निरीक्षक राकेश चंद्र भट्ट ने बताया कि वर्तमान में 32 पुलिस कर्मी तैनात हैं, जबकि क्षेत्र में 80 कर्मियों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 155 गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी देखते हुए स्टाफ बढ़ाना आवश्यक है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की संख्या में वृद्धि करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि अपराध पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।