हरेला सुगम्य मीडिया विकास एवं शोध विकास के सहयोग से राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) में धाद संस्था की पहल पर हरेला घी संग्रांद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग छात्रों, शिक्षकों ने पौध रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान छात्रों ने चप्पा चप्पा हरा करेंगे, हरियाली से धरा भरेंगे… जैसे नारे भी लगाए। अमर उजाला कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर है।
बुधवार को आजादी के अमृत महोत्सव के तहत संस्थान में आयोजित संवाद सत्र में आदर्श विद्यालय और प्रोधांध प्रशिक्षण केंद्र के छात्र-छात्राओं की संगीतमयी प्रस्तुति ने सभी का मन मोहा। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची पद्मश्री माधुरी बड़थ्वाल ने कहा कि उत्तराखंड के लोक के स्वर पूरे देश में अपना स्थान बना चुके हैं। संगीत की ताकत अद्भुत है। धाद संस्था के अध्यक्ष लोकेश नवानी ने कहा कि धाद के प्रयास फलीभूत हो रहे हैं और उनके कार्यक्रम देश-दुनिया में जगह बना रहे हैं। वहीं, संस्थान की शिक्षिका चेतना गोला ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करना व हमारी लुप्त होती लोक संस्कृति के बारे में भी जागरूक करना था। धाद संस्था के सचिव तन्मय ममगाईं ने कहा कि हरेला घी संग्रांद का एक माह का कार्यक्रम अपने अंतिम पड़ाव पर है। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. हिमांग्शु दास, वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी मनीष वर्मा, अमित शर्मा, लक्ष्मी पोखरियाल, सतीश चंद्रा, हेमा कैलासिया, मुकुल सजवाण, संदीप पिल्ख्वाल, गणेश चंद्र, उनियाल, आशा डोभाल, नीना रावत आदि मौजूद रहे।