चारधाम यात्रा 2026: एक सप्ताह में 5.18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रहा है। आगामी चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। यात्रा से पहले शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया में केवल एक सप्ताह के भीतर ही 5.18 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इनमें सबसे अधिक पंजीकरण Kedarnath Temple के लिए दर्ज किया गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग ने 6 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था शुरू की थी। पंजीकरण शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया। महज सात दिनों में ही पंजीकरण का आंकड़ा पांच लाख से अधिक पहुंच गया है, जिससे इस वर्ष भी यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है।
केदारनाथ के लिए सबसे अधिक पंजीकरण
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 1,73,157 श्रद्धालुओं ने Kedarnath Temple के दर्शन के लिए पंजीकरण कराया है। इसके अलावा Badrinath Temple के लिए 1,52,478, Gangotri Temple के लिए 97,622 और Yamunotri Temple के लिए 95,606 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है।
17 अप्रैल से शुरू होगा ऑफलाइन पंजीकरण
अभी तक जारी आंकड़े केवल ऑनलाइन पंजीकरण के हैं। विभाग के अनुसार 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए Haridwar, Rishikesh, नया गांव और हरबर्टपुर सहित लगभग 50 केंद्रों पर पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी।
पिछले साल 49 लाख श्रद्धालुओं ने किए थे दर्शन
गौरतलब है कि पिछले वर्ष चारधाम यात्रा के लिए लगभग 70 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया था, जबकि चारों धामों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की वास्तविक संख्या करीब 49 लाख रही थी।
सुरक्षित और सुगम यात्रा पर सरकार का जोर
प्रदेश के पर्यटन मंत्री Satpal Maharaj ने कहा कि इस वर्ष भी चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को समय से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का दावा है कि यात्रा मार्गों पर सुविधाओं को बेहतर बनाने, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।