छह मार्च से शुरू होगा चारधाम यात्रा 2026 का पंजीकरण, सरकार ने श्रद्धालुओं को दी बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां राज्य सरकार ने तेज कर दी हैं। यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार बैठकें और निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया छह मार्च से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस बार श्रद्धालुओं से पंजीकरण के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि यात्रा के पहले चरण में केवल ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया जाएगा। यात्रा आरंभ होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑफलाइन पंजीकरण व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
इन तिथियों पर खुलेंगे धामों के कपाट
चारधाम यात्रा के तहत प्रमुख धामों के कपाट खुलने की तिथियां पहले ही घोषित की जा चुकी हैं।
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केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे।
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बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेंगे।
वहीं गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरानुसार अक्षय तृतीया के दिन खुलते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को है, हालांकि इन दोनों धामों के कपाट खुलने की आधिकारिक घोषणा अभी शेष है।
यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर विभाग सक्रिय
चारधाम यात्रा को देखते हुए राज्य के सभी संबंधित विभाग तैयारियों में जुट गए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जा चुकी है, जिसमें यात्रा प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर सड़कों और अन्य आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया है, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले आवश्यक सुधार कार्य पूरे किए जा सकें।
पंजीकरण शुल्क लगाने का प्रस्ताव हुआ खारिज
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि पंजीकरण शुल्क लगाने का प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा गया था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाई। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली से यात्रियों की संख्या का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। इससे यात्रा मार्गों पर भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
चारधाम यात्रा हर वर्ष देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होती है, जिसे सफल बनाने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।