Wednesday, March 11, 2026
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भराड़ीसैंण में अग्निवीर कैडेट्स से रूबरू हुए सीएम धामी, बोले– हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी

चमोली। ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे कैडेट्स से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

संवाद कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से सेना, रोजगार, उनके राजनीतिक जीवन और व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़े कई सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है और रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना आज वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और सक्षम सेना के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है।

सैनिक परिवार से मिली अनुशासन की प्रेरणा

कार्यक्रम के दौरान शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक पुत्र होने के नाते क्या उनका मन भी सेना में जाने का हुआ था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना देश की सबसे सम्मानित सेवाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि भले ही वे सेना में नहीं गए, लेकिन उन्होंने अपने जीवन को एक सैनिक की तरह अनुशासित और समर्पित मानकर कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अपने पिता के साथ रहते हुए उन्होंने सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है। सैनिक जिस समर्पण और निष्ठा के साथ देश की रक्षा करते हैं, उसी भावना के साथ वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं।

सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए कई फैसले

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। देहरादून में भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें उत्तराखंड के वीर शहीदों की गौरवगाथाएं और उनकी स्मृतियां संरक्षित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि वे पूर्व सैनिकों को अपना अभिभावक मानते हैं और उनके अनुभवों से हमेशा प्रेरणा लेते हैं।

अग्निवीरों को मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण

संवाद के दौरान ओपी कंडारी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि अग्निवीर के रूप में सेवा पूरी करने के बाद सरकार रोजगार के लिए क्या व्यवस्था कर रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा भी विभिन्न क्षेत्रों में अग्निवीरों को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।

‘धाकड़ धामी’ पहचान पर बोले मुख्यमंत्री

कार्यक्रम में रितेश पंवार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनकी पहचान ‘धाकड़ धामी’ के रूप में क्यों बनी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि को जनता के साथ हमेशा सौम्य व्यवहार रखना चाहिए, लेकिन राज्यहित और जनहित में कई बार कठोर और साहसिक फैसले लेने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। इसके साथ ही राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

जनता का आशीर्वाद ही मुस्कान का राज

संवाद के दौरान हिमांशु रौतेला ने पूछा कि मुख्यमंत्री अपने परिवार को समय कैसे दे पाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक जीवन में जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं। प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में राज्य के सभी लोग उनका परिवार हैं और हर गांव उनका अपना गांव है।
वहीं अमन सेमवाल के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके चेहरे की मुस्कान का राज जनता का आशीर्वाद है, जिससे उन्हें काम करने की ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.), पूर्व सैनिकों और बड़ी संख्या में अग्निवीर कैडेट्स की मौजूदगी रही।

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