Thursday, October 8, 2026
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देहरादून में कुख्यात बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर बड़ी कार्रवाई, गुंडा एक्ट के तहत छह माह के लिए जिला बदर

देहरादून में विवादित और कुख्यात बिल्डर पुनीत अग्रवाल के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे गुंडा एक्ट के तहत छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। एटीएस कॉलोनी क्षेत्र में लंबे समय से भय और तनाव का माहौल पैदा करने के आरोपों के बीच जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने यह सख्त आदेश जारी किया। प्रशासन की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, मामला 25 अप्रैल 2026 को सामने आया था, जब एटीएस कॉलोनी निवासी और डीआरडीओ की वैज्ञानिक हेम शिखा समेत कई लोगों ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 13 अप्रैल को पुनीत अग्रवाल ने डीआरडीओ में तैनात एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के परिवार पर हमला किया। इस घटना में पीड़ित का कान का पर्दा फट गया था। साथ ही महिलाओं और बुजुर्गों के साथ अभद्रता, गाली-गलौच और धमकी देने के भी आरोप लगाए गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने एसडीएम मसूरी को गोपनीय जांच के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपी की गतिविधियों से क्षेत्र में लगातार भय और असुरक्षा का वातावरण बन रहा था। थाना रायपुर में दर्ज एफआईआर, वायरल वीडियो क्लिप और स्थानीय निवासियों की शिकायतों को भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया। डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं निदेशक मनोज कुमार ढाका ने भी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि पुनीत अग्रवाल की गतिविधियां जनसुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए खतरा बन चुकी हैं। वहीं बचाव पक्ष ने मामले को आपसी रंजिश और सिविल विवाद बताया, लेकिन प्रशासन ने उपलब्ध साक्ष्यों, दर्ज मुकदमों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को अभ्यस्त आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति माना।

जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पुनीत अग्रवाल अगले छह माह तक बिना प्रशासनिक अनुमति के देहरादून जिले में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रायपुर थाना पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि आरोपी को 24 घंटे के भीतर जनपद की सीमा से बाहर भेजा जाए।

बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब पुनीत अग्रवाल विवादों में आया हो। इससे पहले दीपावली के दौरान नाबालिग बच्चों पर पिस्टल लहराने के मामले में भी जिला प्रशासन ने उसका शस्त्र लाइसेंस निलंबित किया था। आरोपी के खिलाफ मारपीट, धमकी, गाली-गलौच और उत्पीड़न जैसी धाराओं में पहले से पांच मुकदमे दर्ज हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद एटीएस कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से आरोपी की गतिविधियों से क्षेत्र में डर और तनाव का माहौल बना हुआ था।

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