Saturday, March 14, 2026
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देहरादून गुंजन हत्याकांड: कोर्ट ने चार्जशीट का लिया संज्ञान, 19 मार्च को तय होंगे आरोप

देहरादून: राजधानी देहरादून के दूल्हा बाजार में दिनदहाड़े हुए बहुचर्चित गुंजन श्रीवास्तव हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। न्यायालय ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट का संज्ञान ले लिया है। अब इस मामले में आगामी 19 मार्च को अदालत में आरोप तय किए जाएंगे, जिसके बाद मुकदमे की नियमित सुनवाई शुरू होगी।

गौरतलब है कि दो फरवरी को दूल्हा बाजार क्षेत्र में गुंजन श्रीवास्तव की चापड़ से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने तेजी से कार्रवाई करते हुए साक्ष्य जुटाए और महज तीन दिनों के भीतर ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। यह चार्जशीट पांच फरवरी को न्यायालय में प्रस्तुत की गई थी।

पुलिस जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोप पत्र तैयार किया गया है। चार्जशीट में कुल 35 गवाहों को शामिल किया गया है। अदालत ने आरोप पत्र को स्वीकार करते हुए उसका संज्ञान लिया है।

अब 19 मार्च को अदालत में आरोप तय किए जाएंगे। इसके बाद मामले में नियमित सुनवाई शुरू होगी। इस चर्चित हत्याकांड में पीड़ित परिवार को अब अदालत की आगामी कार्रवाई का इंतजार है।

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस की ओर से अदालत में प्रभावी पैरवी की जाएगी ताकि आरोपी को कठोरतम सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि पुलिस चाहती है कि मामले की सुनवाई तेजी से हो और दोषी को कड़ी सजा मिले।

एसआईटी ने मामले को बताया दुर्लभतम
गुंजन श्रीवास्तव हत्याकांड की जांच एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने की। जांच के दौरान इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी दुर्लभतम श्रेणी का अपराध माना गया है।

एसआईटी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चश्मदीद गवाहों के बयान और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों को जांच में शामिल करते हुए महज तीन दिनों में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।

जांच के दौरान टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच की। इसके अलावा फारेंसिक टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों का संकलन किया गया। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों और अन्य गवाहों के बयान भी तत्काल दर्ज किए गए।

इस मामले में कुल 35 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। अब 19 मार्च को अदालत में आरोप तय होने के बाद इस बहुचर्चित हत्याकांड की सुनवाई का अगला चरण शुरू होगा।

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