Saturday, October 24, 2026
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Dehradun: श्रम सुधारों ने खोला नए युग का मार्ग, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम—सीएम धामी

Dehradun: सीएम धामी ने श्रम सुधारों को बताया ऐतिहासिक कदम, बोले—नए युग की कार्य संस्कृति कर रही भारत को मजबूत

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताएं देश के कार्यबल के लिए नए युग का सूत्रपात हैं। उन्होंने कहा कि ये सुधार आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में सीएम धामी ने कहा कि श्रम सुधारों के परिणाम आने वाले वर्षों में व्यापक रूप से दिखाई देंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि उत्तराखंड सरकार नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह समर्पित है।

सीएम धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश में कार्य संस्कृति का एक नया दौर शुरू हुआ है। नई नीतियां भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में उभरने का आधार तैयार कर रही हैं।


पुराने श्रम कानूनों से सीमाएं, असंगठित क्षेत्र था उपेक्षित

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने श्रम कानूनों के कारण देश के असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिक कई मूलभूत अधिकारों से वंचित थे। न्यूनतम वेतन की गारंटी सीमित क्षेत्रों तक ही सिमटी थी और सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच लगभग न के बराबर थी।

उन्होंने बताया कि पुराने कानूनों के कारण व्यापार करने में अनावश्यक जटिलताएं थीं, जिससे विदेशी निवेश भी प्रभावित होता था। इंस्पेक्टर राज की व्यवस्था उद्योग जगत के लिए बड़ी बाधा बन चुकी थी। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा व्यापक श्रम सुधारों का निर्णय वास्तव में ऐतिहासिक कदम है।


नई संहिताएं: सुरक्षित, समान और सशक्त कार्य माहौल की दिशा में पहल

सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि नई श्रम संहिताएं श्रमिक हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं। सार्वभौमिक न्यूनतम वेतन, समय पर वेतन भुगतान और नियुक्ति पत्रों को अनिवार्य बनाया जाना श्रमिकों के अधिकारों को मजबूती प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि अब देश के 40 करोड़ श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा, जो पहले इस दायरे से बाहर थे। महिला श्रमिकों को रात की पाली में काम करने की अनुमति, समान अवसर और समान वेतन जैसे प्रावधान महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाएंगे।


स्वास्थ्य लाभ और ग्रेच्युटी जैसे प्रावधान बने बड़ी राहत

धामी ने बताया कि निश्चित अवधि के कर्मचारियों को एक वर्ष की सेवा के बाद ग्रेच्युटी का लाभ देने का प्रावधान अभूतपूर्व है। इसके साथ ही सभी श्रमिकों के लिए मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच और जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए 100 प्रतिशत स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे कदम श्रमिक कल्याण को नई दिशा देते हैं।

उन्होंने कहा कि इन सुधारों से न केवल श्रमिकों का जीवन बेहतर होगा बल्कि उद्योगों के लिए भी व्यवसायिक माहौल अधिक अनुकूल बनेगा, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।


श्रमिक और उद्योग दोनों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि नई श्रम संहिताओं का प्रभाव उत्तराखंड में सकारात्मक रूप से देखा जाएगा। इससे श्रमिकों को सुरक्षा, उद्योगों को सहजता और राज्य को आर्थिक मजबूत आधार मिलेगा।

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