देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ और गोवा पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर बहुचर्चित सेक्सटॉर्शन रैकेट के फरार सरगना को देहरादून से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से फरार चल रहा था और लगातार पुलिस को चकमा देकर अपनी लोकेशन बदल रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गोवा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सलमान खान निवासी माजरा, पटेलनगर, देहरादून के रूप में हुई है। एसटीएफ के अनुसार आरोपी को 23 मई 2026 को थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। वह गोवा के मापुसा थाना में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में वांछित था।
अमीर कारोबारियों को बनाते थे निशाना
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित सेक्सटॉर्शन गैंग का मुख्य सरगना था। यह गिरोह खासतौर पर अमीर कारोबारियों और उद्योगपतियों को निशाना बनाता था। गैंग में शामिल महिलाएं सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से बिजनेसमैन को अपने जाल में फंसाती थीं।
इसके बाद गिरोह के सदस्य फर्जी पहचान के जरिए खुद को दिल्ली नारकोटिक्स ब्यूरो का अधिकारी बताकर पीड़ितों को धमकाते थे। आरोप है कि पीड़ितों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की जाती थी और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की उगाही की जाती थी।
गोवा में किराये के विला से चल रहा था रैकेट
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गैंग ने गोवा के मापुसा इलाके में एक विला किराये पर लिया हुआ था। वहीं गुप्त कैमरे लगाकर पूरे रैकेट को संचालित किया जाता था। योजना के तहत मुंबई के एक कारोबारी को वहां बुलाया गया और उसके आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए गए।
जब कारोबारी ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और ब्लैकमेल कर भारी रकम वसूली गई। इस घटना के बाद मामला गोवा पुलिस तक पहुंचा और जांच के दौरान सेक्सटॉर्शन नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
इस मामले में पुलिस पहले ही गैंग के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें दिल्ली निवासी एक महिला और हरिद्वार निवासी एक आरोपी शामिल हैं। हालांकि मुख्य सरगना सलमान खान घटना के बाद से फरार चल रहा था।
एसटीएफ को लंबे समय से उसकी तलाश थी। तकनीकी सर्विलांस और गोपनीय सूचना के आधार पर आखिरकार आरोपी को देहरादून से दबोच लिया गया।
अन्य राज्यों में नेटवर्क की जांच जारी
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड को अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं बनने दिया जाएगा। फिलहाल आरोपी के आपराधिक इतिहास, बैंकिंग लेनदेन और अन्य राज्यों में फैले उसके नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।