लक्ष्मणझूला थाना पुलिस की हिरासत से भाग कर गंगा में कूदे उत्तरकाशी के युवक के मामले की जांच के लिए डीआईजी गढ़वाल करण सिंह नगन्याल लक्ष्मणझूला थाना पहुंचे। उन्होंने यहां तत्कालीन थाना प्रभारी पूछताछ की। इसके अलावा बैरक, परमार्थ निकेतन आश्रम और लक्ष्मणझूला पुल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को देखा। वहीं पुलिस बैरक और परमार्थ निकेतन में चोरी के स्थान का निरीक्षण भी किया। 22 अगस्त को उत्तरकाशी के धौंतरी पोस्ट आफिस के चुनेर गांव का रहने वाला केदार सिंह रावत (22) पुत्र लक्ष्मण सिंह रावत पुलिस हिरासत से भाग कर लक्ष्मणझूला पुल से गंगा में कूद गया था। इसके बाद युवक लापता है। तपोवन चौकी पुलिस ने परमार्थ निकेतन आश्रम के दान पत्र से चोरी किए रुपये और सिक्कों के साथ युवक को लक्ष्मणझूला थाना पुलिस को सौंपा था। युवक के परिजनों ने इस मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डीजीपी अशोक कुमार ने मामले की जांच डीआईजी गढ़वाल को सौंपी थी। शुक्रवार सुबह करीब 10.45 पर डीआईजी गढ़वाल करण सिंह नगन्याल लक्ष्मणझूला थाना पहुंचे। यहां उन्होंने थाने में पहले से मौजूद तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष सिंह कुंवर से पूछताछ की। डीआईजी ने थाना प्रभारी युवक के पीछे दौड़े पुनिलस कर्मियों से घटना की विस्तार पूर्वक जानकारी ली। इसके बाद वह उस पुलिस बैरक में पहुंचे जहां युवक को हिरासत में रखा गया था।
उन्होंने बैरक, लक्ष्मणझूला और परमार्थ आश्रम के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को देखा। वहीं तत्कालीन थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों के बताए गए घटनाक्रम और समय का सीसीटीवी फुटेज से मिलान किया। डीआईजी ने घटना के दौरान पुल के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की। थाने में पूछताछ और निरीक्षण के बाद डीआईजी दोपहर में सीधा परमार्थ निकेतन निकेतन पहुंचे। उन्होंने यहां जिस दान पत्र से चोरी हुई उस स्थान को देखा। वहीं आश्रम के प्रबंधक और कर्मचारियों से भी पूछताछ की। इसके बाद डीआईजी वापस थाने में आए। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीआईजी बताया कि डीजीपी ने उनको मामले की जांच सौंपी है। बताया कि पूर्व में भी एसएसपी ने एएसपी कोटद्वार से मामले की जांच कराई थी। बताया कि उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा मामले में पुलिसकर्मियों की गलती है या नहीं।