देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित दून जिला न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से अफरा-तफरी मच गई। ई-मेल के माध्यम से मिली धमकी के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा दिया। सुरक्षा के मद्देनज़र बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वाड और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान चलाया।
जानकारी के अनुसार जिला जज को भेजे गए ई-मेल में सुबह 11:15 बजे न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। मेल में दावा किया गया कि भवन के भीतर पहले से पांच बम लगाए गए हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीमें सक्रिय हुईं और न्यायालय परिसर में मौजूद जज, अधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी और वादकारियों को तत्काल बाहर निकाला गया। इस दौरान कोर्ट का समस्त कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
करीब दो घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में बम निरोधक दस्ते ने इमारत के अंदर कोने-कोने की जांच की। तलाशी के दौरान पुलिस अधिकारियों और अधिवक्ताओं समेत सभी लोगों के चेहरे पर तनाव बना रहा। दोपहर करीब 12:30 बजे तलाशी पूरी होने के बाद टीमों ने संकेत दिया कि परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। इसके बाद ही लोगों को दोबारा अंदर जाने की अनुमति दी गई और सभी ने राहत की सांस ली।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इससे एक दिन पहले भी दून जिला न्यायालय को इसी तरह की धमकी भरा मेल मिला था। इससे पहले नैनीताल, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिला न्यायालयों को भी बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा ई-मेल के माध्यम से धमकी मिलने की सूचना पर तत्काल संज्ञान लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कोर्ट परिसर को खाली कराते हुए गहन जांच की गई, जिसमें किसी भी प्रकार की कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई।
धमकी भरे मेल में सी-4 और नाइट्रेट से बने बम लगाए जाने का दावा किया गया था। पत्र में तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण और ब्राह्मण वर्चस्व के विरोध जैसी बातें लिखी गई थीं। साथ ही अंत में तमिल टाइगर ऑफ ईलाम और पाकिस्तान आईएसआई का जिक्र भी किया गया था। फिलहाल पुलिस और साइबर सेल ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई हैं और मामले की गहन जांच जारी है।