Thursday, May 14, 2026
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दून अस्पताल में लिफ्ट फंसने से हड़कंप, आधे घंटे तक अंदर कैद रहे तीन मरीज, महिला की बिगड़ी हालत

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के दून अस्पताल में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ओपीडी भवन की लिफ्ट दूसरी और तीसरी मंजिल के बीच अचानक फंस गई। लिफ्ट में एक महिला समेत तीन मरीज करीब आधे घंटे तक अंदर फंसे रहे। तेज गर्मी और घुटन के कारण महिला घबराकर रोने लगी, जबकि अन्य मरीज भी बुरी तरह सहम गए। काफी मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने स्पेशल चाभी की मदद से लिफ्ट का दरवाजा खोलकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार घटना बुधवार सुबह करीब 10 बजे की है। तीनों मरीज चौथी मंजिल पर डॉक्टर को दिखाने के बाद भूतल पर दवाइयां लेने जा रहे थे। इसी दौरान वे स्टाफ उपयोग वाली छोटी लिफ्ट से नीचे उतर रहे थे। बताया जा रहा है कि गलत बटन दबने के कारण लिफ्ट अचानक दूसरी और तीसरी मंजिल के बीच रुक गई और तकनीकी खराबी के चलते फंस गई।

लिफ्ट में फंसे मरीजों ने तुरंत इमरजेंसी बटन दबाया। सायरन बजने पर अस्पताल कर्मचारियों को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद कर्मचारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। शुरुआत में कर्मचारियों को यह समझ नहीं आ पाया कि लिफ्ट किस कारण से बंद हुई है। कई तकनीकी प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली।

इस दौरान लिफ्ट के अंदर फंसे मरीज लगातार बाहर निकालने की गुहार लगाते रहे। गर्मी और घुटन के कारण महिला की हालत बिगड़ने लगी और वह रोने लगी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद दूसरी और तीसरी मंजिल पर पहुंचकर कर्मचारियों ने स्पेशल चाभी से लिफ्ट का दरवाजा खोला। अंदर मौजूद मरीज से कुंडा ऊपर करवाने के बाद दरवाजा खुल पाया। दरवाजा खुलते ही तीनों लोग घबराहट में तेजी से बाहर निकले। बाहर आने के बाद भी वे काफी डरे और सहमे हुए दिखाई दिए।

बार-बार बिजली जाने से बढ़ी परेशानी

घटना के दौरान लिफ्ट टेक्नीशियन तकनीकी खराबी दूर करने में जुटे रहे, लेकिन इसी बीच बार-बार बिजली कटने से स्थिति और जटिल हो गई। बताया गया कि कई बार बिजली बाधित होने के कारण लिफ्ट खोलने में अतिरिक्त समय लगा। जनरेटर शुरू होने में भी देरी हुई, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

दून अस्पताल में लिफ्ट फंसने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को भी ओपीडी भवन की लिफ्ट में 12 लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे थे। उस समय भी बिजली कटौती के कारण यह हादसा हुआ था। वहीं वर्ष 2020 में भी दो अलग-अलग घटनाओं में छह और तीन लोग लिफ्ट में फंस चुके हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लिफ्ट में फंसने पर क्या करें

विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति लिफ्ट में फंस जाए तो घबराने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए।

  • घबराहट या सांस लेने में दिक्कत होने पर लिफ्ट के फर्श पर बैठ जाएं
  • कंट्रोल पैनल पर मौजूद इमरजेंसी या घंटी वाले बटन को दबाएं
  • जोर-जोर से चिल्लाने के बजाय दरवाजा खटखटाकर ध्यान आकर्षित करें
  • लिफ्ट के ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस को चालू रखें, इससे अंदर हवा और रोशनी बनी रहती है
  • जबरदस्ती दरवाजा खोलकर बाहर निकलने की कोशिश न करें
  • लिफ्ट की छत से बाहर निकलने का प्रयास बिल्कुल न करें

घटना के बाद डॉ. गीता जैन ने मामले में रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि लिफ्ट के बाहर हमेशा एक कर्मचारी तैनात रहे। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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