Tuesday, March 24, 2026
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गढ़वाल विवि का 12वां दीक्षांत समारोह: 79 मेधावियों को गोल्ड मेडल, 6806 छात्रों को मिली डिग्री

श्रीनगर गढ़वाल: Hemvati Nandan Bahuguna Garhwal University का 12वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को उत्साह और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. योगेंद्र नारायण ने की, जबकि उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर शिक्षा सत्र 2022-24 और 2023-25 के कुल 6806 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि समारोह में भाग लेने के लिए 649 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें 472 स्नातकोत्तर (पीजी) और 177 पीएचडी शोधार्थी शामिल रहे।

दीक्षांत समारोह के दौरान 79 मेधावी विद्यार्थियों को मंच पर गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। स्वर्ण पदक के लिए कुल 105 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था, जिनमें 50 विद्यार्थी सत्र 2022-24 और 55 विद्यार्थी सत्र 2023-25 के थे। वहीं दोनों शैक्षणिक सत्रों में मिलाकर 319 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई

विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने पर जोर

समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विश्वविद्यालय वर्तमान कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के नेतृत्व में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, जिसका प्रमाण विश्वविद्यालय की नैक ग्रेडिंग है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को और अधिक ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करना होगा, ताकि इसे राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड सरकार विश्वविद्यालय के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अप्रैल माह में देश के उच्च शिक्षा मंत्री के साथ एनआईटी और गढ़वाल विश्वविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।

विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार रहने की सलाह

समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति डॉ. योगेंद्र नारायण ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है कि वे अतीत की प्रज्ञा का अध्ययन करें और वर्तमान के आधुनिक व पारंपरिक ज्ञान के आधार पर नवाचार और विकास के लिए निरंतर प्रयास करें। साथ ही उन्होंने युवाओं से भविष्य की चुनौतियों और नए अवसरों के लिए स्वयं को तैयार रखने का आह्वान किया।

डिग्री कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि ताकत: कुलपति

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, गतिविधियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं बल्कि जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि डिग्री केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि विद्यार्थी की ताकत और उसके ज्ञान का प्रतीक होती है, जो उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया गया

कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. विश्वेश वाग्मी ने समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संदेश भी मंच से पढ़कर सुनाया। अपने संदेश में उन्होंने दीक्षार्थियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया और कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग केवल निजी हितों तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए भी करें।

शोध पत्रिका का विमोचन

दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के ग्रामीण एवं अभियंत्रिकी विभाग की शोध पत्रिका “माउंटेन रिसर्च” के विशेषांक का भी विमोचन किया गया। कुलाधिपति, कुलपति और विशिष्ट अतिथियों ने पत्रिका के प्रकाशन पर विभाग को बधाई देते हुए इसे पर्वतीय क्षेत्रों के शोध कार्यों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

पहाड़ी संस्कृति की झलक बनी आकर्षण

इस बार दीक्षांत समारोह में पहली बार पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति की झलक देखने को मिली। विश्वविद्यालय ने वर्षों से चली आ रही गाउन पहनने की परंपरा को समाप्त करते हुए विद्यार्थियों को पारंपरिक वेशभूषा में डिग्री प्रदान की।
समारोह में उपाधि लेने पहुंचे छात्र-छात्राएं पहाड़ी टोपी, रंग-बिरंगे पटके और पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए, जिसने कार्यक्रम को विशेष सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।

ज्योति और मनीष शिवांशु को मिले पांच-पांच गोल्ड मेडल

दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक सत्र 2022-24 की संस्कृत विषय की छात्रा ज्योति और 2023-25 के संस्कृत विषय के छात्र मनीष शिवांशु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच-पांच गोल्ड मेडल हासिल किए।
दोनों विद्यार्थियों को संस्कृत विषय में टॉप रहने के साथ-साथ दानदाताओं की ओर से दिए जाने वाले विशेष स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए।

इस तरह गढ़वाल विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह शिक्षा, संस्कृति और उपलब्धियों का संगम बनकर यादगार रहा।

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