हरिद्वार। राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल में साधु की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लालच और गुस्से में आकर साधु की पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी थी।
नगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हुए इस जघन्य अपराध में मृतक साधु की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी हुई है।
एसएसपी ने प्रेस वार्ता में किया खुलासा
शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेस वार्ता के दौरान पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को वन विभाग के कर्मचारियों ने सूचना दी थी कि राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक साधु का शव पड़ा हुआ है।
सूचना मिलने पर खड़खड़ी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, जहां करीब 45 वर्षीय साधु लहूलुहान हालत में मिला। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हत्या का मामला दर्ज, कई टीमों का गठन
प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि होने के बाद कोतवाली नगर में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मृतक की पहचान न होने के कारण पुलिस खुद वादी बनी और मामले के खुलासे के लिए कई टीमों का गठन किया गया।
फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। साथ ही आसपास के क्षेत्रों, गंगाघाटों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और पार्किंग स्थलों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
सीसीटीवी से मिले सुराग, संदिग्धों की तलाश तेज
सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान दो संदिग्ध युवक साधु के साथ जाते हुए दिखाई दिए। उनके हुलिये के आधार पर पुलिस ने तलाश अभियान तेज कर दिया।
दोनों आरोपियों के पास मोबाइल फोन नहीं था और वे नशे के आदी थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण बन गई।
गश्त के दौरान पकड़े गए आरोपी
एसएसपी ने बताया कि शुक्रवार को हिल बाईपास क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस टीम को सूखी नदी के फ्लाईओवर के पास दो युवक बैठे दिखाई दिए।
सीसीटीवी में दिखे हुलिये से मिलान होने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन दोनों भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार उर्फ चिकना (25), निवासी ग्राम बनाममई थाना वेदपुरा जिला इटावा (उत्तर प्रदेश) और रोहित कुमार (19), निवासी पटना (बिहार) के रूप में हुई है।
लालच में की हत्या, पूछताछ में किया खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे हरिद्वार में कुछ समय पहले मिले थे और साथ में शराब व गांजा का सेवन करते थे।
13 अप्रैल की रात दोनों हरकी पैड़ी के पास शराब पीकर सो गए। अगली सुबह काम की तलाश में मोतीचूर तिराहे की ओर गए, जहां उन्होंने गांजा पिया। इसी दौरान उनकी मुलाकात एक साधु से हुई।
जब साधु ने बीड़ी निकालने के लिए जेब में हाथ डाला तो उसमें रखे पैसे देखकर दोनों के मन में लालच आ गया। आरोपियों ने पैसे मांगे, लेकिन साधु ने उन्हें डांटकर भगा दिया।
इससे गुस्साए दोनों युवक साधु का पीछा करते हुए जंगल तक पहुंच गए।
पत्थरों से कुचलकर उतारा मौत के घाट
जंगल में शौच के लिए बैठे साधु को आरोपियों ने धक्का देकर गिरा दिया और बड़े पत्थरों से उसके सिर पर कई वार किए। साधु के चीखने के बावजूद दोनों तब तक हमला करते रहे, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने उसकी जेब से पैसे निकाले और मौके से फरार हो गए।
मृतक की पहचान अब भी चुनौती
पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक साधु की पहचान करना है। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस की सतर्कता, सीसीटीवी विश्लेषण और लगातार चेकिंग अभियान के चलते 24 घंटे के भीतर इस हत्याकांड का सफल खुलासा किया जा सका।