Wednesday, October 28, 2026
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24 घंटों में सात तीर्थयात्रियों की हृदय गति रुकने से मौत, अब तक 56 लोगों की जा चुकी है जान

बीते 24 घंटों में चारधाम यात्रा पर आए सात तीर्थयात्रियों की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। चारधाम यात्रा में अब तक 56 लोगों की जान जा चुकी है जिसमें से 54 की मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना पाया गया है।
शुक्रवार को बदरीनाथ धाम के दर्शन कर जोशीमठ लौटे भानुभाई (58) पुत्र नत्था भाई, निवासी सूरत गुजरत को अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई। परिजन उन्हें सीएचसी जोशीमठ ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, बदरीनाथ धाम में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे महिला तीर्थयात्री वीणा बेन (55), निवासी गुजरात की तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने उन्हें पीएचसी पहुंचाया, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। सीएमओ डा. एसपी कुड़ियाल ने बताया कि दोनों की हृदय गति रुकने से मौत होने की आशंका है। उधर, केदारनाथ में दो यात्रियों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है। सीएमओ डॉ. बीके शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को धाम पहुंचे प्रदीप कुमार कुलकर्णी (61), निवासी सुंदपार्क, पुणे, महाराष्ट्र और बंशी लाल (57) निवासी गडचेली, थाना पिपलिया मंडी मंदसौर, मध्य प्रदेश की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। केदारनाथ यात्रा में अभी तक कुल 23 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जिसमें 22 को दिल का दौरा पड़ा है। इसके अलावा ऋषिकेश में विभिन्न प्रांतों से आए तीन तीर्थयात्रियों की मौत हो गई।
इसमें चारधाम यात्रा से लौटे उत्तरप्रदेश के गोरखपुर निवासी अवधेश नारायण तिवारी (65) पुत्र शिव प्रसाद तिवारी की हालत मुनिकीरेती में गंगा स्नान के बाद बिगड़ी। वहीं ग्राम मध्य प्रदेश से आए 22 यात्रियों के दल में शामिल सौरम बाई (49) पत्नी अमर सिंह निवासी पीपल्दा धार की हालत खराब हुई। दोनों एसपीएस अस्पताल लाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं बृहस्पतिवार देर रात बस के पास बेहोश मिले उमेश दास जोशी (58) पुत्र विट्ठलदास राघव जोशी निवासी मलाड, मुंबई को लोगों ने अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भारी वाहनों के लिए तीन दिन बंद रहेगा यमुनोत्री हाईवे, सात हजार श्रद्धालु फंसे
यमुनोत्री हाईवे पर तीन दिनों तक बड़े वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। बीते बुधवार को रानाचट्टी के पास हाईवे की सुरक्षा दीवार धंस गई थी। किसी तरह इसे आवाजाही लायक बनाया गया, लेकिन हाईवे के फिर धंसने से बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। इससे पालीगाड़ से स्यानाचट्टी तक पांच किमी लंबा जाम लगा रहा। हाईवे बंद होने से रानाचट्टी से यमुनोत्री धाम की ओर सात हजार यात्री फंसे होने की सूचना है। एसडीएम शालिनी नेगी ने बताया कि एनएच की टीम इस दौरान हाईवे की मरम्मत करेगी। इस दौरान ं प्रशासन ने यात्रियों को आर-पार करवाने के लिए शटल सेवा शुरू की है। रानाचट्टी और स्यानाचट्टी के बीच 15 छोटे वाहन लगाए गए हैं।डामटा से करीब 25 छोटे वाहन लगाए गए हैं। जब तक बड़े वाहनों के लिए हाईवे नहीं खुल जाता यात्रियों को छोटे वाहनों से ही भेजा जाएगा।

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