Saturday, October 17, 2026
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आमजन की परीक्षा ले रहा चढ़ता पारा, ग्लेशियरों के पिघलने और वनों की आग को लेकर हाई अलर्ट

उत्तराखंड में चढ़ता पारा आमजन की परीक्षा ले रहा है। भीषण गर्मी से जन जीवन प्रभावित होने लगा है। जंगलों में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं तो वहीं ग्लेशियरों के पिघलने का सिलसिला भी तेज हो गया है। मैदानी इलाकों में चिलचिलाती धूप पसीने छुटा रही है। हालांकि, शनिवार को पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बौछारें और ओलावृष्टि से गर्मी से फौरी राहत मिली है।
13 और 14 अप्रैल को हो सकती है बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार से अगले तीन दिन पारे में अत्यधिक इजाफा होने को लेकर रेड अलर्ट भी जारी किया है। हालांकि, 13 और 14 अप्रैल को पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश राहत बनकर बरस सकती है।प्रदेश में लंबे समय से मौसम शुष्क है और पारा लगातार चढ़ रहा है। मार्च सूखा बीतने के बाद अप्रैल में भी बारिश का इंतजार बरकरार है। अधिकतम पारे में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक उछाल के चलते दिन में भीषण गर्मी का एहसास हो रहा है। हालांकि, कुछ दिनों में मौसम कुछ राहत दे सकता है।शनिवार को मैदानों में चटख धूप ने पसीने छुटाए, लेकिन चमोली के कुछ इलाकों में देर शाम हुई हल्की बारिश ने कुछ राहत दी। उत्तरकाशी में शाम को अंधड़ के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि हुई।
मैदानों में भीषण गर्मी
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक, 12 अप्रैल तक तापमान में सामान्य से अत्यंत अधिक वृद्धि की आशंका है। इससे मैदानों में भीषण गर्मी महसूस की जा सकती है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत में संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, हालांकि, यहां हल्की बौछारें भी पड़ सकती हैं।
मैदान में पारा चढ़ते ही सुकून पाने को मसूरी में उमड़े पर्यटक
जागरण कार्यालय, मसूरी : अप्रैल महीने में ही जून जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। इसी का नतीजा है कि मैदानी क्षेत्र से बड़ी संख्या में पर्यटक सुकून पाने के लिए पहाड़ों की रानी मसूरी का रुख कर रहे हैं।शनिवार को भी मसूरी के अधिकांश पर्यटन स्थल कैम्पटी फाल, गन हिल, भट्ठा फाल, कंपनी गार्डन, जार्ज एवरेस्ट, धनोल्टी, बुरांशखंडा आदि पिकनिक स्थल दिनभर पर्यटकों से गुलजार रहे। वहीं शाम ढलने के बाद मालरोड और बाजारों में खूब रौनक रही। शाम तक मसूरी के अधिकांश होटलों में पर्यटकों की आक्युपेंसी 50 से 60 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। मसूरी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया की कोरोना महामारी की मार झेलने के बाद उत्तराखंड के पर्यटन के लिए यह एक शुभ संकेत है।शनिवार की देर शाम को यमुना घाटी में मौसम बदला और तेज तूफान चलना शुरू हुआ। इसी दौरान विकासनगर से पुरोला आ रही कार के ऊपर भी पेड़ गिरा। कार में सवार सूरज ठाकुर निवासी करड़ा पुरोला, शेर बहादुर निवासी चिल्यों विकासनगर देहरादून व अजय निवासी विकासनगर देहरादून की जान बाल-बाल बची। तीनों को हल्की चोटें आई, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला में प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं बडकोट क्षेत्र में भी तूफान से कई स्थानों पर पेड़ और पेड़ों की मोटी टहनी भी टूटी हैं। बडकोट थाना निरीक्षक गजेंद्र बहुगुणा ने बताया कि दोबाटा बैंड के पास पेड़ गिरा है, जिसे पुलिस की सहायता से सड़क से हटाया गया है।
जोशीमठ में ओलावृष्टि
जोशीमठ क्षेत्र में ओलावृष्टि व हल्की बारिश हुई है। जिससे गर्मी से राहत मिली है। शाम को अचानक गरज के साथ बूंदाबांदी व ओलावृष्टि हुई। तापमान में बढ़ोतरी के चलते तपिश महसूस की जा रही थी। मौसम के बदले मिजाज से राहत मिली है।

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