Saturday, October 10, 2026
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राजमिस्त्रियों को तस्करी के धंधे में उतारने से पहले स्मैक तस्कर के बेटे लिया इम्तिहान

राजमिस्त्रियों को तस्करी के धंधे में उतारने से पहले स्मैक तस्कर के बेटे ने उनका इम्तिहान भी लिया था। अपने पास से दस-दस ग्राम स्मैक देकर उसकी बिक्री कराई थी। मामला ठीक होने के बाद पिता से मिलवाकर 350 ग्राम स्मैक दिलाई थी। वह खुद भी यूपी पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए हल्द्वानी में मजदूर बनकर रह रहा था। हल्द्वानी पुलिस और एसओजी नैनीताल की टीम ने शुक्रवार को 350 ग्राम स्मैक के साथ यूपी के बरेली स्थित मीरगंज तहसील के गांव चमरोहा निवासी अशरफी लाल और बदायूं के दातागंज स्थित नूरपुर के रहने वाले शिव कुमार को गिरफ्तार किया था। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि तस्करी के लिए हल्द्वानी लेकर आए दोनों तस्करों ने बरेली के फतेहगंज पश्चिमी निवासी फईम अंसारी से 12-15 लाख रुपये में खरीदी थी जिसे वे हल्द्वानी और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में करीब 50 लाख रुपये में बेचने के इरादे से आए थे।
शुरुआती छानबीन में सामने आया है कि राजमिस्त्रियों को तस्करी में आने से पहले स्मैक विक्रेता फईम अंसारी के बेटे ने दोनों का ट्रायल भी लिया था। पहले दोनों को दस-दस ग्राम स्मैक बेचने को दी और जब उन्हें काम लायक समझा तो पिता से मुलाकात कराई। वहीं पुलिस के मुताबिक, फतेहगंज पश्चिमी में भी फईम अपने घर पर नहीं मिला था। घर से कुछ दूरी पर बाजार में मुलाकात की थी। पुलिस के मुताबिक स्मैक विक्रेता फईम अंसारी के बेटे का भी यूपी पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए हल्द्वानी में छिपा होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
सूचना तंत्र मजबूत हो तो सीमा पर ही पकड़े जा सकते हैं तस्कर
नैनीताल पुलिस और एसओजी टीम अभी तक करीब चार किलो स्मैक पकड़ चुकी है जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। एसएसपी के मुताबिक आधी से ज्यादा स्मैक बरेली की ओर से आने वाली थी। अधिकतर मादक पदार्थ तस्करों की धरपकड़ हल्द्वानी या फिर पर्वतीय क्षेत्रों में पकड़ी गई है। मादक पदार्थों के तस्कर दूसरे राज्यों से बहुत ही आसानी से राज्य की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। इसकी वजह है सूचना तंत्र की मजबूती कम होना। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राज्य की सीमा पर ही तस्करों को पकड़ने के लिए उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी पुख्ता सूचना तंत्र की जरूरत है। हालांकि उत्तराखंड में आने के बाद पुलिस माल की डिलीवरी से पहले ही तस्करों को पकड़ने में सक्रियता दिखाई दे रही है।
शुरुआती जांच और पूछताछ में कई बातें सामने आई हैं। पुलिस ने मजदूर बनकर रह रहे व्यक्ति की जानकारी जुटाना शुरू कर दी है। पुख्ता सुराग मिलने के बाद स्मैक विक्रेता और उसके बेटे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। – पंकज भट्ट, एसएसपी नैनीताल, प्रभारी डीआईजी।

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