काशीपुर। कुंडा थाना क्षेत्र में बुधवार को पुलिस और ग्रामीणों की भिड़ंत में एक महिला की मौत के अगले ही दिन एक और हत्या से काशीपुर क्षेत्र दहल गया। कुंडेश्वरी क्षेत्र में बाइक से आए दो शूटरों ने घर के बरामदे में अखबार पढ़ रहे ग्राम जुड़का के पूर्व ग्राम प्रधान महल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। वारदात से आक्रोशित परिजनों को डीआईजी व एसएसपी ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा देते हुए शीघ्र मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया। पुलिस रंजिश के पहलू को ध्यान में रखते हुए हत्याकांड की जांच में जुटी है। कुंडेश्वरी क्षेत्र के ग्राम जुड़का नंबर 2 निवासी पूर्व ग्राम प्रधान महल सिंह (64) पुत्र सिंगारा सिंह बृहस्पतिवार को अपने घर के बरामदे में अखबार पढ़ रहे थे। इस दौरान एक बाइक पर सवार दो युवक उनके घर के बाहर रुके। बाइक गेट के पास खड़ी कर दोनों बदमाश भीतर आए और जब तक महल सिंह कुछ समझते उन्हें गोली मारकर फरार हो गए।
परिजनों के मुताबिक बदमाशों ने पांच राउंड फायर किए, जिसमें से दो गोलियां पूर्व प्रधान की बायीं बगल और पेट से आरपार हो गईं जबकि तीन राउंड मिस हो गए। बाइक चलाने वाला युवक लाल टी-शर्ट और नीली जींस पहने हुए था जबकि पीछे बैठा बदमाश काली टी-शर्ट व नीली जींस में था। हत्यारे 20 से 25 वर्ष की आयु के बताए जा रहे हैं। फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन घर से बाहर आए और घायल पूर्व प्रधान को परिजनों ने सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मोर्चरी पहुंचकर घटना के संबंध में मृतक के परिजनों से जानकारी जुटाई। एसएसपी का कहना है कि हत्याकांड को रंजिशन अंजाम दिया गया है। मृतक के घर पहुंचे डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने परिजनों का ढाढ़स बंधाते हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। महल सिंह अपने पीछे पत्नी जसवीर कौर, पुत्र नवजोत और एक विवाहित पुत्री गुरप्रीत कौर समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
सिर्फ 38 सेकेंड में वारदात को दिया अंजाम
काशीपुर। वारदात को अंजाम देने आए शूटर सिर्फ 38 सेकेंड रुके। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजकर 32 मिनट और 38 सेकेंड पर बदमाशों की बाइक पूर्व प्रधान के घर पर आकर रुकी। इस दौरान दोनों बाइक से उतरकर आए और महज चार सेकेंड में वारदात को अंजाम देकर आठ बजकर 33 मिनट और 16 सेकेंड पर दोनों बदमाश वहां से चले गए। सीसीटीवी की फुटेज में यह समय रिकॉर्ड हुआ है।
…तो क्या विदेश से जुड़े हैं महल की हत्या के तार
काशीपुर। हत्याकांड को लेकर विदेश में रह रहे एक व्यक्ति का नाम चर्चा में है। बताया गया है कि अपने परिचित का पक्ष लेने पर पूर्व प्रधान महल सिंह परिचित के विरोधी के निशाने पर थे। पूर्व प्रधान को पहले भी धमकी मिल चुकी थी। हालांकि, पिछले दिनों हुई पंचायत में दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझ गया था लेकिन पूर्व प्रधान की हत्या से माना जा रहा है कि अदावत खत्म नहीं हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि पूर्व प्रधान की हत्या में उसी व्यक्ति का हाथ हो सकता है। हालांकि पुलिस को अभी तहरीर नहीं मिली है। पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन में जुटी है। संवाद
वारदात से पहले शूटर कर चुके थे रेकी
काशीपुर। पूर्व प्रधान की हत्या से पहले शूटरों ने रेकी भी की। मुख्य सड़क से महल सिंह का घर करीब 50 मीटर की दूरी पर है। बदमाशों को जानकारी थी कि महल सिंह रोजाना गेट के पास बने कमरे के बरामदे में बैठकर अखबार पढ़ते हैं। वारदात से पहले रेकी के लिए शूटर घर के आसपास बने रहे। वह उनके पुत्र नवजोत के घर से निकलने का इंतजार करते रहे। नवजोत के घर से जाते ही बदमाश बाइक से घर के पास पहुंचे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। लौटते समय थैला पकड़े एक बदमाश के हाथ में पिस्टल भी दिख रही है।
बाइक पर गलत नंबर प्लेट लगाकर की घटना
काशीपुर। बदमाश जिस बाइक को लेकर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे उस पर नंबर पर भी गलत अंकित किया गया था। सीसीटीवी फुटेज में दिख रही बाइक का नंबर एम परिवहन में चेक किया गया तो इस सीरीज का कोई नंबर नहीं मिला। पुलिस का मानना है कि वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। संवाद
वांछितों की तलाश में पुलिस ने रामनगर तक होटल छाने
काशीपुर। दोनों शूटरों की तलाशी के लिए पुलिस टीमों ने काशीपुर से लेकर रामनगर तक के होटलों की चेकिंग की। पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश पुलिस की नाकेबंदी के चलते फरार होने की बजाय कहीं शरण ले सकते हैं। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर कुंडेश्वरी तक के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। ग्राम ढकिया नंबर एक तक फुटेज में वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश बाइक से जाते दिखाई पड़ रहे हैं।
मोर्चरी से एक्स-रे के लिए अस्पताल लाया गया शव
काशीपुर। सरकारी अस्पताल पहुंची पुलिस ने महल सिंह का शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पहुंचा दिया था। बाद में पुलिस अधिकारियों ने आपसी चर्चा कर शरीर के भीतर गोली की जांच के लिए शव का एक्स-रे कराया। महल सिंह के शरीर में गोली नहीं पाई गई। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
क्षेत्र की राजनीति में खासा दबदबा था महल सिंह का
काशीपुर। पूर्व प्रधान महल सिंह का क्षेत्र की सियासत में अच्छा खासा रसूख था। वह जुड़का से ग्राम प्रधान चुने गए थे और सहकारी विपणन समिति में डायरेक्टर भी रह चुके हैं। महल सिंह लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे। पिछले चुनाव में पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य पाला बदलकर जब भाजपा में शामिल हुए तो सोशल मीडिया पर सबसे पहले महल सिंह ने प्रतिक्रिया दी थी कि जहां यशपाल, वहीं महल। इसके बाद वह भी कांग्रेेस की वर्षों पुरानी विचारधारा को त्यागकर भाजपा में शामिल हो गए। हालांकि बाद में यशपाल आर्य के साथ ही कांग्रेस में लौट आए। स्टोन क्रशर में अपने पार्टनर सुखवंत सिंह को कुंडेश्वरी सहकारी समिति का चेयरमैन बनवाने में उनकी अहम भूमिका रही। जमीनों से संबंधित विवादों को लेकर महल सिंह अक्सर तहसील व एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाते देखे जा सकते थे। पुलिस इस एंगल पर भी जांच में जुटी है। हत्या का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है। तहरीर मिलने पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। मामले के खुलासे के लिए एसओजी समेत पुलिस की छह टीमें लगाई गई हैं। इसके साथ ही एसआईटी को भी जांच में लगाया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। – चंद्रमोहन सिंह, एसपी काशीपुर।