राज्य के आंदोलनकारी, विपक्षी दलों एवं जन संगठन सोमवार (आज) को तिलाड़ी विद्रोह की याद में प्रदेश भर में जुलूस, प्रदर्शन और संगोष्ठी कर आवाज बुलंद करेंगे। कार्यक्रम देहरादून, चमियाला, पौड़ी, भवाली, रामगढ़, रामनगर, बागेश्वर, अल्मोड़ा, श्रीनगर, थलीसैंण, रुद्रप्रयाग, टिहरी, मुंसियारी, उत्तरकाशी, ऊधम सिंह नगर समेत कई जगहों पर आयोजित किए जाएंगे।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इन कार्यक्रमों द्वारा तिलाड़ी विद्रोह के शहीदों की याद में राज्य की वर्तमान स्थिति और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। साथ ही सही में जनता का विकास हो, इसको लेकर सरकार के सामने मांगें रखी जाएंगी। बताया कि कार्यक्रमों के जरिए अतिक्रमण हटाने के नाम पर या विकास परियोजनाओं के नाम पर किसी भी परिवार को बेघर न करनेे, उत्तराखंड में चकबंदी और स्थानीय विकास के लिए भू कानून लागू करने, वन अधिकार कानून को अमल में लाने की मांग की जाएगी। इसके अलावा बड़ी परियोजनाओं को दी जाने वाली सब्सिडी को खत्म करने, बिना कोई शर्त सभी के लिए राशन उपलब्ध करने की भी मांग की जाएगी। प्रेस वार्ता को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव समर भंडारी, उत्तराखंड महिला मंच की संयोजक कमला पंत, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एसएस सचान और चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल ने संबोधित किया।