हल्द्वानी। आरटीओ (प्रशासन) ने प्राइवेट बसों में नियमों की हकीकत जानने के लिए यात्री बनकर सफर किया। इस दौरान नियमों की अनदेखी पर उन्होंने चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही संभागीय निरीक्षक प्राविधिक को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इसके अलावा चार अन्य बसों का भी चालान किया। शनिवार को आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी बाजपुर बस अड्डा हल्द्वानी से रामनगर के लिए प्राइवेट बस संख्या (पीबी06एच-9761) में सवार हुए। उन्होंने रामनगर की यात्रा के लिए टिकट के 70 रुपये परिचालक को दिए लेकिन उसने टिकट नहीं दिया। इसके अलावा अन्य यात्रियों से भी टिकट के पैसे लिए और टिकट नहीं दिया। बस में आगे और पीछे टायर रखे गए थे जिससे यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में परेशानी हो रही थी।
बस चलाते समय चालक फोन पर भी बात कर रहा था। इसी दौरान बस चालक और परिचालक को पता चला कि बस में आरटीओ सफर कर रहे हैं तो उनमें खलबली मच गई। इस पर आरटीओ ने बस रुकवाकर तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निरस्त कर दिया है। साथ ही परिचालक भी लाइसेंस नहीं दिखा पाया। इस पर आरटीओ ने टिकट नहीं देने पर धारा 86 के तहत कार्रवाई की और संभागीय निरीक्षक प्राविधिक को एक सप्ताह के भीतर बस का तकनीकी निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। आरटीओ (प्रशासन) सैनी ने बताया कि बस के अंदर एक अतिरिक्त सीट लगी थी। इसके अलावा उसी रूट पर जांच कर चार अन्य बसों का भी चालान किया गया। आरटीओ ने हल्द्वानी क्षेत्र के सभी एआरटीओ को निर्देश दिए हैं कि यात्री बसों की लगातार चेकिंग करें।