नई दिल्ली।
भारतीय रेलवे देश के सबसे बड़े परिवहन नेटवर्क में से एक है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री ट्रेनों के माध्यम से यात्रा करते हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने सामान ले जाने से जुड़े कई नियम तय किए हैं। इन्हीं नियमों में एक महत्वपूर्ण नियम ट्रेन में घी ले जाने को लेकर भी है, जिसकी जानकारी हर यात्री के लिए जरूरी है।
अक्सर यात्री घरेलू उपयोग या उपहार के तौर पर यात्रा के दौरान घी अपने साथ ले जाते हैं, लेकिन इसके लिए रेलवे ने स्पष्ट सीमा और पैकिंग से जुड़े दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।
ट्रेन में घी ले जाने का नियम क्या है?
भारतीय रेलवे के अनुसार, कोई भी यात्री ट्रेन में अधिकतम 20 किलोग्राम तक घी अपने साथ ले जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि घी को मजबूत टिन के डिब्बे या कनस्तर में पूरी तरह सील बंद करके रखा गया हो। पैकिंग ऐसी होनी चाहिए कि यात्रा के दौरान घी लीक न हो।
नियम बनाने के पीछे कारण
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घी अगर लीक हो जाए तो इससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है। फर्श पर घी गिरने से फिसलने का खतरा बढ़ जाता है, वहीं कुछ परिस्थितियों में इससे आग लगने जैसी गंभीर घटनाएं भी हो सकती हैं। इन्हीं संभावित खतरों को देखते हुए रेलवे ने यह नियम लागू किया है।
तय सीमा से अधिक घी ले जाने पर क्या करें?
अगर किसी यात्री को 20 किलो से अधिक घी ले जाना है, तो इसके लिए रेलवे स्टाफ से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति तय सीमा से अधिक घी ले जाना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
किन बातों का रखें विशेष ध्यान?
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प्लास्टिक की बोतल या ढीली पैकिंग में घी ले जाना प्रतिबंधित है।
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खुले रूप में या रिसने वाली पैकिंग में घी ले जाने की अनुमति नहीं है।
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घी की मात्रा 20 किलो से अधिक नहीं होनी चाहिए, जब तक कि विशेष अनुमति न हो।
नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई
रेलवे नियमों के अनुसार, अगर यात्री बिना अनुमति अधिक मात्रा में घी ले जाते हैं या पैकिंग सही नहीं होती है, तो सामान जब्त किया जा सकता है। इसके अलावा, तय नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
निष्कर्ष:
ट्रेन से यात्रा करते समय अगर आप अपने साथ घी ले जा रहे हैं, तो रेलवे के तय नियमों का पालन करना जरूरी है। इससे न केवल आपकी यात्रा सुरक्षित रहेगी, बल्कि किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से भी बचा जा सकेगा।