Monday, October 19, 2026
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Homeउत्तराखण्डअंतरराष्ट्रीय जू और बंदरबाड़े योजना को गति दी जाएगी: सिन्हा

अंतरराष्ट्रीय जू और बंदरबाड़े योजना को गति दी जाएगी: सिन्हा

हल्द्वानी। अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर और बंदरबाड़े की बड़ी परियोजना है। इनकी समीक्षा की जाएगी। इन योजनाओं को गति देने की मंशा है जहां पर कमी होगी, उसे दूर करने का प्रयास होगा। आगे संचालन समेत अन्य सभी पहलू को देखा जाएगा। कार्बेट पार्क में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स गठन को लेकर भी प्रयास किया जाएगा। यह जानकारी प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) समीर सिन्हा ने रविवार को एक प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जू बनने की स्थिति में शेर जैसे वन्यजीवों को लाने के विकल्प रहेंगे। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने को लेकर महकमा गंभीर है उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण, उसके निदान के पुराने कौन-कौन से तरीके हैं, यह तरीके कितने कारगर हैं, नए कौन से तरीको का इस्तेमाल किया जा सकता है। संसाधनों की स्थिति कैसी है? सभी बातों को ध्यान में रखकर एक समग्र योजना पर प्रदेश स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसमें डब्ल्यूआईआई का सहयोग रहेगा। अध्ययन कर वैज्ञानिक तरीकों से समस्या का समाधान करने की योजना है। साथ ही पशु चिकित्सकों को वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ट्रेनिंग कराई गई है, रेस्क्यू ऑपरेशन में ऐसे पशु चिकित्सकों का सहयोग लिया जा सके, इसके लिए पशु चिकित्सकों की सूची वन महकमे को उपलब्ध कराई जाएगी। नगला आदि क्षेत्र में हाथी कॉरिडोर में अंडर पास को लेकर विषय आया है, उसे भी दिखवाया जाएगा। प्रेस वार्ता में सीसीएफ कुमाऊं प्रसन्न पात्रो समेत अन्य वनाधिकारी मौजूद थे।
प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव ने किया जू का निरीक्षण
नैनीताल। प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव और मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा ने रविवार को नैनीताल प्राणी उद्यान का निरीक्षण किया। उन्होंने जू प्रबंधन को जरूरी दिशा निर्देश दिए और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली के दिशा निर्देशों का पालन करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्राणी उद्यान अधिकारी देश भर के प्राणी उद्यानों से समन्वय स्थापित करें ताकि वन्य प्राणियों को विनिमय (एक्सचेंज) की दिशा में पहल की जा सके। प्राणी उद्यान के उचित रखरखाव के साथ ही इसके विकास के प्रयास हों। जिससे देश विदेश से यहां पहुंचने वाले पर्यटक चिड़ियाघर पहुंचकर विभिन्न प्रजातियों के वन्य जीवों का दीदार कर सकें। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं पीके पात्रो, मुख्य वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊं वृत्त मान सिंह, डीएफओ नैनीताल चंद्रशेखर जोशी, उप निदेशक प्राणी उद्यान नैनीताल हेम चंद्र गहतोड़ी, वन क्षेत्राधिकारी अजय सिंह रावत, पशु चिकित्सक डॉ. हिमांशु पांगती मौजूद आदि रहे।

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