Saturday, October 24, 2026
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Iran Unrest: ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत से संपर्क, ईरानी विदेश मंत्री ने एस. जयशंकर से की फोन पर बातचीत

ईरान में जारी गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट के बीच भारत की भूमिका एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम होती दिखाई दे रही है। देश में लगातार बढ़ रहे हिंसक प्रदर्शनों, आगजनी और जनता के आक्रोश के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत की है। इस कूटनीतिक संपर्क की जानकारी स्वयं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से साझा की।

ईरान इन दिनों अभूतपूर्व तनाव से गुजर रहा है। पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से देश के कई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई जारी है, जिसके चलते जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। वहीं, अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य हस्तक्षेप को लेकर दी जा रही चेतावनियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

जयशंकर–अराघची बातचीत में क्या हुई चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने एक्स पोस्ट में बताया कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का उन्हें फोन आया, जिसमें ईरान और उसके आसपास की बदलती परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया गया। हालांकि बातचीत के ब्योरे सार्वजनिक नहीं किए गए, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे ईरान की बिगड़ती आंतरिक स्थिति और क्षेत्रीय तनाव के मद्देनजर भारत से सहयोग और संवाद बढ़ाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

दो हफ्तों से ज्यादा समय से जारी हिंसा

ईरान में दो हफ्तों से अधिक समय से चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। कई इलाकों में आगजनी, झड़पें और इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियां लगाई गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 2,571 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा हाल के दशकों में ईरान में हुए किसी भी आंदोलन से कहीं अधिक है और 1979 की इस्लामी क्रांति के दौर की स्थिति की याद दिलाता है।

भारत ने भारतीय नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी

ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद भारतीयों—छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों—को सलाह दी है कि वे वाणिज्यिक उड़ानों समेत उपलब्ध किसी भी सुरक्षित परिवहन साधन का उपयोग कर देश छोड़ दें। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने और पूरी सतर्कता बरतने की अपील भी की गई है।

आईओआरए महासचिव से जयशंकर की मुलाकात

इसी क्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) के महासचिव संजीव रंजन से मुलाकात की। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच सहयोग के प्राथमिक क्षेत्रों की समीक्षा की गई और सरकारों, उद्योग जगत व शैक्षणिक संस्थानों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

जयशंकर ने कहा कि बेहतर क्षेत्रीय सहयोग से हिंद महासागर क्षेत्र में आर्थिक विकास, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सहयोग को नई प्राथमिकता दी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय नजरें भारत पर

ईरान में जारी संकट के बीच भारत से हुई यह उच्चस्तरीय बातचीत दर्शाती है कि भारत एक संतुलित और भरोसेमंद कूटनीतिक साझेदार के रूप में उभर रहा है। आने वाले दिनों में इस संवाद के क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा हालात पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।

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