Friday, October 9, 2026
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कोटद्वार विवाद के बाद ‘मोहम्मद दीपक’ को जान से मारने की धमकी, सोशल मीडिया पर दो लाख का इनाम घोषित

उत्तराखंड के कोटद्वार में ‘बाबा’ नाम को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद सुर्खियों में आए दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक को अब जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने दीपक की हत्या करने वाले को दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। इस धमकी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह विवाद 26 जनवरी को पटेल मार्ग स्थित एक रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान के नाम बदलने को लेकर शुरू हुआ था। मौके पर विवाद को शांत कराने पहुंचे दीपक कुमार ने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हुए बीच-बचाव किया था। इसके बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया। विपक्षी दलों की ओर से दीपक कुमार की भूमिका की सराहना की गई, वहीं सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सामने आए।

हालांकि, इसी सोशल मीडिया के जरिए अब उन्हें धमकियां भी मिलने लगी हैं। दीपक कुमार ने कोटद्वार कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी हत्या के लिए दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। शिकायत के आधार पर एसएसपी पौड़ी के निर्देश पर पुलिस ने जांच की, जिसमें आरोपी की पहचान राजा उत्कर्ष, निवासी मोतिहारी (बिहार) के रूप में हुई है। पौड़ी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बिहार पुलिस से संपर्क साधते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

कोतवाली प्रभारी ने बताया कि भले ही धमकी सोशल मीडिया के माध्यम से दी गई हो, लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को देखते हुए मामले की गहन जांच की जा रही है।

जिम में तोड़फोड़ का भी आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच दीपक कुमार के जिम में तोड़फोड़ का मामला भी सामने आया है। जमीअत के प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी ने पत्र जारी कर कहा कि दीपक कुमार ने हिंसा का विरोध कर मानवीय और संवैधानिक जिम्मेदारी निभाई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि 31 जनवरी को देहरादून और हरिद्वार से आए कुछ लोगों ने कोटद्वार पहुंचकर उनके जिम में तोड़फोड़ का प्रयास किया।

जमीअत ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हिंसा के खिलाफ खड़े होकर सामाजिक सौहार्द और इंसानियत की मिसाल पेश करने वाले व्यक्ति को निशाना बनाया जाना देवभूमि की शांत छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। संगठन के उपाध्यक्ष मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने डीजीपी से मांग की है कि तोड़फोड़ के प्रयास में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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