Tuesday, March 10, 2026
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कोटद्वार में करोड़ों की ठगी का खुलासा: बोहरा ग्रामीण विकास निधि कंपनी के चार फरार आरोपी ऋषिकेश से गिरफ्तार

बोहरा ग्रामीण विकास निधि कंपनी में करोड़ों की धोखाधड़ी, चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में बोहरा ग्रामीण विकास निधि लिमिटेड कंपनी के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। फरार चल रहे चार आरोपियों को पुलिस टीम ने ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों को कोटद्वार न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में पौड़ी जेल भेज दिया गया।

कोतवाली प्रभारी प्रदीप नेगी ने बताया कि पांच सितंबर 2024 को कोटद्वार निवासी यास्मीन ने कोतवाली में एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सितंबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच बोहरा कंपनी के डायरेक्टर भीम सिंह के कहने पर उन्होंने कंपनी में एक वर्ष की अवधि के लिए खाता खुलवाया था और प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से कुल 36,500 रुपये जमा किए थे।

शिकायत के अनुसार, निर्धारित समय पूरा होने के बाद कंपनी ने ब्याज सहित जमा धनराशि वापस नहीं की। इस बीच कंपनी के संचालकों ने कार्यालय बंद कर दिया और लोगों से संपर्क करना भी बंद कर दिया, जिससे साफ हुआ कि निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की गई है। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

मुख्य आरोपी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार

मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सर्वेश पंवार ने आर्थिक अपराधों में तत्काल कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। पुलिस टीम ने बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद मुख्य आरोपी दिलीप सिंह बोहरा को 9 दिसंबर 2025 को देहरादून से गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में दिलीप सिंह बोहरा ने बताया कि उसने अपने साथियों भीम सिंह, प्यारे राम, बालकरण, सुरेंद्र सिंह नेगी और सूरजमनी सेमवाल के साथ मिलकर बोहरा ग्रामीण विकास निधि लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के माध्यम से लोगों से पैसे जमा कराकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई।

मामले में आरोपियों की संलिप्तता सामने आने के बाद जांच अधिकारी ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और बड्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं।

पुलिस टीम की दबिश में पकड़े गए चार आरोपी

एएसपी मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल के निर्देशन में कोतवाल प्रदीप नेगी के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम लगातार फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी।

सोमवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली, जब फरार आरोपी सूरजमनी सेमवाल, नरेश रावत, बालकरण और सुरेंद्र नेगी को ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस ठगी में कितने लोग प्रभावित हुए हैं।

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