Monday, March 2, 2026
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Kotdwar Crime News: छोटे भाई की हत्या करने वाले बड़े भाई को उम्रकैद, डंडे से वार कर उतारा था मौत के घाट

कोटद्वार में पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह, अदालत ने सुनाई उम्रकैद

कोटद्वार। पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार क्षेत्र में छोटे भाई की हत्या के मामले में अदालत ने बड़े भाई को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोटद्वार रीना नेगी की अदालत ने सुनाया। मामला यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़ा है।


बछिया को लेकर शुरू हुआ विवाद, हिंसक झगड़े में गई जान

अभियोजन पक्ष के अनुसार, ग्राम पंचूर ठांगर निवासी प्रभा देवी पत्नी मानवेंद्र मोहन ने यमकेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर 2024 की शाम करीब 5:45 बजे उनके बड़े बेटे रविंद्र मोहन और छोटे बेटे राजेश मोहन के बीच बछिया को लेकर कहासुनी हो गई।

विवाद बढ़ने पर आरोपी रविंद्र मोहन ने गुस्से में आकर मोटे डंडे से छोटे भाई के सिर पर लगातार पांच से छह बार वार किए, जिससे राजेश मोहन गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान आरोपी ने अपनी मां को भी धमकाया था।


पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर आरोपी को किया गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही यमकेश्वर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने आरोपी को उसके घर के पास से ही गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।


13 गवाहों की गवाही बनी अहम आधार

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत ने पैरवी की। अदालत में मृतक की माता सहित कुल 13 गवाह पेश किए गए।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।


अदालत के फैसले से मिला न्याय

अदालत के इस फैसले को गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। मामूली विवाद से शुरू हुई घटना ने एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया, वहीं अब न्यायालय के निर्णय से पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

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