यूकेडी ने कहा है कि उत्तराखंड में नई बनने वाली भाजपा सरकार को गैरसैंण में शपथ लेनी चाहिए, जिससे न केवल उत्तराखंड की राजधानी के रूप में गैरसैंण को प्रमुखता मिलेगी बल्कि उत्तराखंडियत को भी बल मिलेगा। यूकेडी प्रवक्ता विजय बौड़ाई ने कहा कि पंजाब सरकार ने खटकड़कलां में शहीद भगत सिंह के गांव में शपथ लेकर देश के लिये शहादत देने को जो अहमियत दी वो काबिलेतारीफ है। ठीक उसी प्रकार उत्तराखंड में भी बनने वाली नई सरकार को भी शपथ गैरसैंण में लेनी चाहिए। जिससे न केवल उत्तराखंड के सम्पूर्ण जनमानस की गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की इच्छा की ओर एक महत्वपूर्ण कदम होगा। बल्कि राज्य के शहीदों का गैरसैंण राजधानी बनाने का सपना पूरा होने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
यूकेडी ने सुझाव दिया है कि नए मुख्यमंत्री को तो ग्रीष्म काल मे वहीं से कार्य करना चाहिए। गैरसैंण से सरकार चलाने से समूचे पहाड़ी क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाई मिल सकेगी। उत्तराखंड एक अलग राज्य की मांग विशेषकर यहां का अधिक भूभाग पहाड़ी होने के कारण हुआ था। राज्य बनने से यहां के लोगों को राज्य के सर्वांगीण विकास की आशा थी, लेकिन यह आशा धरी की धरी रह गयी। 22 वर्ष के बाद भी उत्तराखंड को अपनी स्थायी राजधानी नही मिल पाई है। लेकिन अब नई सरकार को इस दिशा में ठोस कार्य करना चाहिए।