नैनीताल। नई शिक्षा नीति के तहत बीए, बीएससी और बीकॉम की डिग्री तीन साल के बजाय चार साल में मिलेगी। इसमें तीन नए स्ट्रीम जोड़ दिए गए हैं। इसमें भाषा, कौशल विकास प्रशिक्षण, सह पाठ्यक्रम के विषय शामिल हैं। साथ ही कला संकाय के विद्यार्थी अब विज्ञान भी पढ़ सकेंगे, जबकि बीएससी वाले कॉमर्स या कला संकाय से एक विषय चुन सकेंगे।
स्नातक स्तर पर अब छात्र-छात्राओं को अपने वर्ग के दो विषयों के साथ अतिरिक्त विषय और वोकेशनल विषय भी लेना होगा जो उनके मूल संकाय का न होकर दूसरे संकाय का होगा। यदि विद्यार्थी विज्ञान संकाय का है तो उसे दो विषय विज्ञान से संबंधित लेने होंगे। ऐसा ही कॉमर्स और कला में भी लागू होगा। अन्य विषय दूसरे संकाय से लेने होंगे लेकिन वह स्नातकोत्तर की पढ़ाई उसी वर्ग में कर सकेगा जिसमें उसने दो मुख्य विषय लिए होंगे। छह स्ट्रीमों में से विद्यार्थियों को अपने पसंदीदा विषयों का चुनाव करने का मौका मिलेेगा। स्नातक स्तर पर आठ सेमेस्टर होंगे। दो सेमेस्टरों की पढ़ाई के बाद पढ़ाई छोड़ देने पर विद्यार्थी को ग्रेजुएट सर्टिफिकेट, चौथे सेमेस्टर के बाद डिप्लोमा, छठवे सेमेस्टर में डिग्री और आठवें सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी करने पर रिसर्च डिग्री की उपाधि मिलेगी। ऐसे में हर वर्ष की पढ़ाई का विद्यार्थियों को क्रेडिट मिलेगा।
प्रदेश के महाविद्यालयों में इस बार से नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षण कार्य होगा। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को अपने पसंदीदा विषय चुनने का मौका मिलेगा। कुमाऊं विवि के संबद्ध सभी परिसरों, महाविद्यालयों व संस्थानों में इसे लागू कर दिया है। इस बाद स्नातक की परीक्षाएं एनईपी के तहत ही होंगी। –प्रो. एनके जोशी, कुलपति कुमाऊं विवि।