अफसरों की कमी से जूझ रही भारतीय थलसेना को जल्द ही सैन्य अफसरों की नई खेप मिलेगी। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में 11 जून को होने वाली पासिंग आउट परेड में थलसेना को 308 जांबाज अफसर मिलेंगे। साथ ही आठ मित्र देशों की सेना को भी 69 सैन्य अधिकारी मिलेंगे। पासिंग आउट परेड में देश-विदेश के 377 जेंटलमैन कैडेट्स शामिल होंगे।
सैन्य अफसरों, अतिथियों और कैडेट्स के परिजनों की मौजूदगी में होने वाली पासिंग आउट परेड को भव्य बनाने के लिए अकादमी प्रबंधन तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। कोरोना का खतरा कुछ कम होने से अबकी विदेशी मेहमानों के भी आईएमए पहुंचने की संभावना है। मुख्य परेड से पूर्व अकादमी में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें ग्रेजुएशन सेरेमनी, प्री-पीओपी, अवार्ड सेरेमनी, कमांडेंट रिहर्सल परेड व मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले शो हैं। 11 जून को सुबह छह बजे से पासिंग आउट परेड होगी। परेड को मद्देनजर रखते हुए अकादमी के अंदर व बाहर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए जा रहे हैं। परिसर की सुरक्षा का जिम्मा सेना के सशस्त्र जवानों व बाहरी और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा दून पुलिस करेगी।
देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी की स्थापना वर्ष 1932 में हुई थी। 90 साल के सफर में अकादमी के नाम भारत के अलावा 33 मित्र देशों की सेना को 63,768 सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया है। इनमें 61,044 सैन्य अधिकारी भारतीय थलसेना को, जबकि 2,724 सैन्य अधिकारी मित्र देशों को मिल चुके हैं। अकादमी से प्री मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी करने के बाद पास आउट हुए कैडेट्स अपने देशों की सेना के ऊंचे ओहदे तक पहुंचे हैं। देश की रक्षा करते हुए शहीद हो चुके 898 सैन्य अधिकारियों ने भी आईएमए में ही सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया था।