काशीपुर। शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अमृत योजना के तहत कई पेयजल लाइनें डाली गईं लेकिन 37.24 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद सिर्फ चार सौ लोगों ने ही कनेक्शन लिए हैं। कनेक्शन देने के लिए घरों के बाहर लगाए गए कनेक्शन प्वाइंट भी अब गायब हो गए हैं। इस कारण गली-मोहल्लों में बहकर पानी बर्बाद हो रहा है।शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल निगम शहर को आठ जोन में बांटकर पेयजल की पाइप लाइन डाल रहा है। इनमें से जोन-1ए में 3.69 करोड़ से, जोन-1बी में 6.67 करोड़ से, जोन तीन में 10.70 करोड़ से, जोन पांच में 16.18 करोड़ रुपये से पाइप लाइन, ओवरहेड टैंक, नलकूप लगाए जा चुके हैं।
जल निगम के ईई शिवम दुबे ने बताया कि अमृत योजना के तहत जोन-1 ए, 1 बी, जोन-3, जोन-5 में काम पूरा हो चुका है जबकि जोन-2 में 11.28 करोड़ से, जोन-8 में 12.68 करोड़ की लागत से कार्य निर्माणाधीन है। उन्होंने बताया कि जोन-1 ए कानूनगोयान में करीब 495 घरों, जोन-1 बी पश्चिमी कटोराताल व मध्य में 1627 घरों तक लाइन बिछाई गई है। उन्होंने बताया कि जोन-1 ए व 1 बी में पिछले साल, जोन-3 व जोन-5 को लगभग छह महीने पहले जल संस्थान को हैंडओवर कर दिया गया है।इसके बाद भी लोग कनेक्शन लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं। उधर जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता प्रदीप चौहान ने बताया के जोन-1ए कानूनगोयान और 1बी कानूनगोयान और कटोराताल पश्चिमी व मध्य में करीब 400 लोगों ने ही कनेक्शन लिए हैं। आम जनता में पेयजल कनेक्शन लेने की जागरूकता कम होने के कारण अन्य खोले गए कनेक्शन को अब बंद कर दिया गया है।
शहरवासी शुद्ध पेयजल कनेक्शन लेने को लेकर जागरूक नहीं हैं क्योंकि 100 वर्ग मीटर से बड़े मकान में पेयजल कनेक्शन के लिए जल संस्थान को 3725 रुपये देने पड़ते हैं। इस कारण जोन-1 ए व 1 बी में लगभग 400 लोगों ने और जोन-3 में 20 लोगों ने, जोन-5 में 100 लोगों ने ही कनेक्शन लिए हैं। अधिकतर शहरवासियों ने घरों में सबमर्सिबल पंप लगवाए हैं। इसलिए वह जल संस्थान का पेयजल कनेक्शन नहीं ले रहे हैं। इस संबंध में शासन स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है कि जल संस्थान से कनेक्शन फीस कम की जाए ताकी अधिकतम लोग कनेक्शन लें या जिन घरों में सबमर्सिबल पंप लगे हैं उनसे कुछ मासिक शुल्क वसूला जाए। – शिवम दुबे, अधिशासी अभियंता, जल निगम, काशीपुर।