Saturday, October 24, 2026
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लाओस में जापानी और फिलीपीन रक्षा मंत्रियों से की मुलाकात

नई दिल्ली: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज अपनी तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन लाओ पीडीआर (लाओस) की राजधानी वियनतियाने में जापानी और फिलीपींस के रक्षा मंत्रियों से मुलाकात की। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के साथ महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।

जापानी रक्षा मंत्री के साथ बैठक
राजनाथ सिंह ने जापानी रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी के साथ बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी सहयोग के महत्व पर जोर दिया। दोनों मंत्रियों ने पिछले सप्ताह जापान में हुए यूनिकॉर्न मास्ट के कार्यान्वयन के ज्ञापन पर चर्चा की और इसे दोनों देशों के लिए एक अहम कदम बताया।

बैठक के दौरान, भारतीय और जापानी सेनाओं के बीच आपसी सहयोग को और बढ़ाने के लिए विभिन्न द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यासों में भागीदारी और आपूर्ति एवं सेवा समझौतों पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों ने हवाई क्षेत्र में सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशने पर भी सहमति व्यक्त की।

फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा सचिव के साथ बैठक
इसके बाद, रक्षा मंत्री ने फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा सचिव गिल्बर्टो टेओडोरो से भी मुलाकात की। इस दौरान, दोनों पक्षों ने आगामी आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक और (एडीएमएम)-प्लस फोरम में भारत के समन्वयक देश के रूप में फिलीपींस के योगदान का स्वागत किया।

बैठक में दोनों देशों ने रक्षा उद्योग, आतंकवाद-विरोध, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

बौद्ध मंदिर के दर्शन और आशीर्वाद
वियनतियाने में अपनी यात्रा के अंतिम चरण में, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बौद्ध मंदिर वाट सिसाकट का दौरा किया और वहां के मठाधीश महावेथ चित्ताकारो से आशीर्वाद प्राप्त किया।

एडीएमएम-प्लस की बैठक में भागीदारी
राजनाथ सिंह ने वियनतियाने में आयोजित एडीएमएम-प्लस की 11वीं बैठक में भी भाग लिया। इस बैठक में मलेशिया, लाओ पीडीआर, चीन, अमेरिका, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य, ऑस्ट्रेलिया, जापान और फिलीपींस के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की गई।

रक्षा मंत्री की यह यात्रा भारत के सामरिक संबंधों को मजबूत करने और सुरक्षा क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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